देश का नाम फिर किया रोशन
लुधियाना. बैंकॉक थाइलेंड में हुई फस्र्ट एशियन मार्शल आर्ट गेम्स में देश के लिए ब्राउंज मेडल लाने वाले परवीन ठाकुर एक बार फिर देश का नाम रोशन कर वापिस लौटे हैं। 30 नवंबर से 8 नवंबर तक वियतनाम में हुई थर्ड एशियन इंडोर गेम्स में दुनियाभर से 43 देशों के 2500 एथलीट्स ने भाग लिया था। वियतनाम में हुई गेम्स के लिए 43 देशों से 250 के करीब कुराश प्लेयर्स जुटे थे।
इन गेम्स में कब्बडी, स्नूकर, चैस, फुटबाल, जिमनास्टिक व कई अन्य गेम्स हुई। कुराश गेम के लिए भारत से इंडियन कुराश एसोसिएशन की तरफ से 9 प्लेयर्स का चयन हुआ था। पंजाब से लुधियाना के परवीन कुमार का चयन हुआ था। जो 73 केजी के मुकाबले में ब्राउंज मेडल जीत कर लाए हैं। शनिवार के दिन लुधियाना लौटे परवीन का स्वागत जोरो शोरों से किया गया।
मेहनत रंग लाई
परवीन ने बताया कि कुराश गेम के लिए प्लेयर्स को वेट के हिसाब से 6 डिफरेंट कैटेगरीज में बांटा गया था। उनका मुकाबला 73 केजी कैटेगरी में थे। ब्राउंज तक पहुंचने के लिए उन्हें तीन फाइट्स करनी पड़ी। कुराश में गोल्ड मेडल वियतनाम, स्लिवर अजेबकीस्तान और ब्राउंज इंडिया के नाम रहा। इसी तरह से 57 केजी लड़कियों में दिल्ली की शैली ने ब्राउंज हासिल किया है।
इन गेम्स में इंडिया के नाम दो मैडल रहे। परवीण ठाकुर ने बताया कि वह पिछले काफी समय से इसकी तैयारियों में जुटे हुए थे। उन्हें खुशी है कि उनकी मेहनत रंग लाई है और उन्होंने अपने देश का नाम रोशन किया। परवीन ने बताया कि उनके कोच राजन वर्गिस, रविंद्र धईया और लाल सिंह इस दौरान उनके साथ रहे। इस बारे में अपनी खुशी को जाहिर करते हुए प्रवीण ठाकुर के कोच राकेश सिंह ने बताया कि उन्हें यकीन था कि परवीण पिछली बार की तरह इस बार भी मैडल जीत कर लाएगें और वैसा हुआ भी
क्या है कुराश
कुराश जूडो जैसी ही एक गेम है। इस गेम की शुरुआत अजबेकीस्तान से हुई है अब यह गेम दुनिया भर में खेली जाती है। जूडो में स्टेडिंग और ग्राउंड वर्क दोनो ही होता है। लेकिन इस गेम में हमे सिर्फ स्टेंडिग वर्क ही करना होता है। यानि की प्लेयर को सामने वाले प्लेयर को खड़े खड़े ही नीचे गिराना होता है।
कुराश खेलने वाले प्लेयर स्टेंडिंग टेक्नीक्स ही सिखाई जाती है। जिससे की वह सामने वाले प्लेयर नीचे गिराता है। यह गेम्स वेट के हिसाब से होती है। थर्ड एशियन इंडोर गेम्स में इसे वेट के हिसाब 6 कैटेगरीज में बांटा गया था। उन्हे जमकर प्रैक्टिस करवा रहे हैं।










