Danik Bhaskar Logo
| 42 Editions | 10 States

Sunday, November 08, 2009 02:15 [IST]  

danik bhaskarइनकी दावत, दूसरों की आफत

Bhaskar News

kurukshetraकुरुक्षेत्र. शहर में बने मैरिज गार्डन्स शादियों के सीजन में बेशक किसी के लिए सहूलियत का साधन हों, लेकिन ये शहर में ट्रैफिक जाम का सबब भी बनते हैं। 10 हजार रुपए से एक लाख रुपए प्रतिदिन का किराया लेने वाले अधिकतर मैरिज पैलेस के पास पार्किग की सुविधा नहीं हैं।



शादी हो या कोई और समारोह, इस दौरान सड़क को ही पार्किग बना दिया जाता है। रात के समय सड़क के दोनों तरफ गाड़ियां पार्क होने से वाहन चालकों के लिए मुसीबत बन जाता है। अधिकांश पैलेस शहर या आस-पास के क्षेत्र में हैं।



गुलजारी लाल नंदा मार्ग (सेक्टर-7 के मोड़ वाला क्षेत्र), श्रद्धानंद चौक, पिहोवा रोड, रेलवे रोड और बाईपास रोड व्यस्त मार्र्गो में शामिल हैं। इन्हीं मार्र्गो पर ज्यादातर मैरिज पैलेस बने हैं, लेकिन न तो इन मैरिज पैलेस वाले पार्किग को लेकर गंभीर नजर आते हैं और ना ही नगरपरिषद और जिला प्रशासन को कोई परवाह।



आवासीय क्षेत्रों में प्लॉट का व्यावसायिक उपयोग कर चल रहे इन गार्डन्स में पार्किग के नाम पर केवल सड़क के किनारे हैं या फुटपाथ। कई बार इनके संचालकों ने जुर्माना भरा तो कई बार कोर्ट के चक्कर भी लगाए।



बावजूद इसके नगर निगम और जिला प्रशासन न तो इन्हें ग्राहकों को पार्किग सुविधा देने पर मजबूर कर पाया और न ही इनके संचालक खुद माने। ये गार्डन शहर के हर क्षेत्र में हैं। पुलिस भी आंखें बंद किए रहती है, जबकि नियमानुसार सड़कों पर गाडियां खड़ी करने पर चालान कटना चाहिए।



होटल पर्ल मार्क : रेलवे रोड



रेलवे रोड पर बने होटल पर्ल मार्क के सामने सड़क पर हर समय कारों और मोटरसाइकिलों का जमावड़ा लगा रहता है। हालांकि होटल की खुद की पार्किंग भी है, लेकिन वाहन चालक मुख्य सड़क पर भी गाडियां खड़ी कर देते हैं। साल भी यहां कोई ना कोई समारोह चलता है, सड़क पर ही वाहन खड़े से यहां से गुजरने वालों को काफी परेशानी होती है। इस रोड पर एक अन्य गार्डन भी है जिसके पास पार्किग की समुचित व्यवस्था नहीं है।



संचालक का जवाब



संचालक धीरज गुलाटी का कहना है कि उनके होटल में अंडरग्राउंड पार्किग है। जिसकी क्षमता 35 कारों की है। उन्होंने बताया कि जब कभी शादी में अधिक लोग आते हैं तो गाड़ियों को सड़क से हटा कर खड़ा कराया जाता है। इसके अलावा अपने होटल के आगे की खाली जगह को भी इस्तेमाल किया जाता है।



होटल सेफरान : पिपली रोड



पिपली रोड पर सेक्टर सात के मोड़ पर स्थित होटल में बड़े समारोह के होने पर सड़कों से गुजरने वालों की शामत आ जाती है। सभी गाड़ियां होटल के बाहर सड़क पर ही पार्क कराई जाती है। महज कुछ गाड़ियां के लिए ही अंदर पार्किग की व्यवस्था है। जिसके चलते कई बार वाहनों का जाम भी लग जाता है।



संचालक का जवाब



संचालक आनंद का कहना है कि 40 के करीब गाड़ियां होटल के अंदर पार्क हो सकती हैं। जब कभी बड़ा समारोह होता है तो गाड़ियां के लिए पार्किग सड़क से हटा कर कराई जाती है। हालांकि कुछ लोग सड़कों पर ही वाहन खड़ा करते हैं, इसके लिए सिक्योरिटी गार्ड लगाए हुए हैं।



ग्रेस पैलेस : श्रद्धानंद चौक



विवाह के लिए सबसे अधिक चलन में होने के चलते इस पैलेस में शादियों के दिनों में वाहनों की काफी भीड़ रहती है। अन्य पैलेसों की तरह यहां पर भी वाहनों की पार्किग के लिए सड़क ही आसरा बनती है। इस चौक के बहुत ज्यादा व्यस्त होने के चलते यहां पर लोगों को रात के समय जाम से दो-चार होना पड़ता है।



संचालक का जवाब



संचालक हरबंस कहते हैं कि पैलेस की साइड में पार्किग के लिए जगह रखी गई है। जिसके चलते लोग अपने वाहनों को यहीं पर खड़ा करते हैं। वाहनों का दबाव अधिक बढ़ने पर भी सड़कों के किनारों का ही इस्तेमाल किया जाता है। हरबंस बताते हैं कि अगर सड़क पर किसी भी वाहन को निकलने में समस्या हो तो उसके लिए कर्मचारियों को भी तैनात किया जाता है।



होटल हेरिटेज : सेक्टर सात मोड़



शहर के पॉश इलाके में बने इस गार्डन में भी पार्किग के लिए स्थान नहीं है। यहां आयोजन होने पर पिपली से मुख्य बाजार और सेक्टरों की ओर जाने वाले लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। यहां ज्यादातर चार पहिया वाहन ही पार्क होते हैं।



जिसके चलते बड़े वाहनों को यहां से निकलते हुए काफी धीमी गति से निकलना पड़ता है। यहां ज्यादातर चार पहिया वाहन ही पार्क होते हैं। यहां ट्रैफिक पुलिस एवं सिग्नल व्यवस्था भी नहीं होने से परेशानी बढ़ जाती है।



संचालक का जवाब



संचालक विनीत गर्ग का कहना है कि प्रयास किया जाता है कि वाहनों को सड़क से हटा कर खड़ा किया जाए। जिससे गुजरने वाले वाहनों को कोई परेशानी न हो। गर्ग का कहना है कि दो गार्डे की ड्यूटी ट्रैफिक व्यवस्था देखने के लिए लगाई जाती है।

  share
apne vichaar
post a comment
name:
email:
website:
code:
 
select your language:
Hindi Roman Hindi Phonetic English
comment: