ऐसा हो मामला, तो हैरानी वाजिब
अमृतसर. बिजली का खराब मीटर बदलने के लिए मकान मालिक बोर्ड अधिकारियों से गुहार लगाता रहा, लेकिन बोर्ड ने बिजली चोरी के आरोप में 15 साल पहले मकान बेच चुके व्यक्ति के खिलाफ ही पर्चा दर्ज कर दिया। हालांकि पर्चा पूर्व मालिक पर हुआ, लेकिन अग्रिम जमानत याचिका दायर की मौजूदा मकान मालिक ने। इसकी सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील विशाल गोगना की दलीलें सुनने के बाद अतिरिक्त जिला एवं सैशन जज करनैल सिंह की अदालत ने जमानत याचिका स्वीकार कर ली।
अदालत ने उसे 14 नवंबर को पुलिस जांच में शामिल होने के आदेश जारी करते हुए अगली सुनवाई 16 नवंबर को तय की है। गोपाल नगर सब डिवीजन के अधिकारी मनिंदरपाल सिंह की शिकायत पर गोपाल नगर निवासी कुलदीप राय के खिलाफ एंटी पावर थैफ्ट एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। राय पर बिजली चोरी का आरोप लगाकर 71 हजार रुपए का बकाया निकाला गया है।
मकान मालिक अमरजीत सिंह का कहना है कि जिसके खिलाफ मामला है, उससे वह करीब 15 साल पहले मकान खरीद चुका है। पूर्व मकान मालिक के नाम पर लगे बिजली मीटर नंबर पर ही वह सप्लाई लेता रहा। जून 08 में उसे पता चला कि मीटर खराब है। उसने 24 जून को विभाग को सूचित कर दिया। बावजूद इसके सवा साल तक मीटर बदला नहीं गया, लेकिन उसे एवरेज के आधार पर बिल जारी होता रहा।
17 सितंबर को बोर्ड अधिकारियों ने चैकिंग के बाद पूर्व मालिक के खिलाफ मामला दर्ज कर दिया। वकील गोगना ने बताया कि राय को करीब 71 हजार का जुर्माना किया गया क्योंकि उनके मुव्वकिल ने अदालत को सच्चाई बता दी है। इसलिए उसे अंतरिम जमानत देते हुए जुर्माना राशि में से 35 हजार जमा कराने को कहा गया है। यह राशि अंडर प्रोटैस्ट जमा कराई जाएगी। जुर्माने को चुनौती देते हुए अलग से मामला दायर किया जाएगा।










