बेटा नहीं हुआ तो विवाहिता को जिंदा जला डाला
रोहतक. लड़का नहीं हुआ तो विवाहिता को ससुराल पक्ष वालों ने जिंदा जला दिया। यह सनसनीखेज मामला जिले के गांव घिलौड़ कलां में सामने आया है। सदर थाना पुलिस ने आरोपी पति और सास के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया है।
जींद के गांव किनाना निवासी राजबीर ने बताया कि दस साल पहले उसकी बहन उर्मिला की शादी गांव घिलौड़ कलां निवासी जयभगवान के साथ हुई थी। शादी में परिवार की हैसियत से बढ़कर दान-दहेज दिया था। उर्मिला की शादी के कुछ दिन बाद ही ससुराल पक्ष वाले कम दहेज लाने पर प्रताड़ित करने लगे।
दहेज की मांग को कई बार पूरा भी किया गया, लेकिन ससुराल पक्ष वालों की डिमांड बढ़ती चली गई। उर्मिला के साथ अक्सर मारपीट की जाती थी। लोक-लाज को देखते हुए उर्मिला उनकी प्रताड़ना को सहन करती गई।
इस बीच उर्मिला ने दो बेटियों पांच वर्षीय ईशा और एक वर्षीय तनिषा को जन्म दिया। ससुराल पक्ष वाले उर्मिला को तनिषा के जन्म के बाद और भी प्रताड़ित करने लगे और अक्सर लड़का नहीं होने के ताने देने लगे। इसी के चलते शुक्रवार की रात उर्मिला को जिंदा जला दिया।
सास मनोहरी ने उर्मिला पर मिट्टी का तेल छिड़क दिया और पति जयभगवान ने आग लगा दी। उर्मिला के शोर मचाने पर आस-पड़ोस के लोग एकत्रित हो गए और उसे गंभीर हालत में उपचार के लिए पीजीआई दाखिल कराया। उर्मिला ने देर रात पीजीआई में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
सदर थाना पुलिस ने राजबीर की शिकायत पर पति जयभगवान और सास मनोहरी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया। पुलिस ने कार्रवाई करने के बाद शनिवार को शव परिजनों के हवाले कर दिया। उधर, पति जयभगवान भी मामूली रूप से आग से झुलस गया। शिकायतकर्ता राजबीर ने आरोप लगाया है कि पुलिस का ध्यान बंटाने के उद्देश्य से जयभगवान भी झुलस गया।










