अब नहीं दिखेगा कूड़ा
अमृतसर. शहर को कूड़ा मुक्त करने की कवायद में मेयर श्वेत मलिक ने रेहड़ियों पर बोरी का फंडा तो निकाल लिया है, लेकिन अभी भी रेहड़ीवालों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। शायद यही वजह है कि एक माह के चेतावनी अभियान के बाद अब निगम सख्ती पर उतर आया है। बोरी न लगाने वाली रेहड़ियों को जब्त करने की रूपरेखा तैयार की जा रही है और इसे अभियान के तहत शहर के विभिन्न बाजारों में कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
उल्लेखनीय है कि रेहड़ियों की वजह से शहर में दिखने वाले कूड़े से भी लोग बहुत त्रस्त थे। रेहड़ीवालों ने भी अति की हुई थी, रात को रेहड़ियां समेटने के बाद तो सारा कूड़ा वह वहीं ढेर कर जाते थे। इतना ही नहीं सुबह रेहड़ी लगाने के बाद भी सारा दिन आसपास कूड़े के ढेर लगे रहते थे, जिससे गुरुनगरी आने वालों की नजरों में शहर की छवि खराब होती थी।
इसे देखते हुए मेयर मलिक ने अक्तूबर के शुरू में प्लास्टिक की बोरियां रेहड़ीवालों को देने की योजना बनाई। प्रथम चरण में बीस हजार रुपए के बजट के साथ 1700 बोरियांे की खरीद की गई और उन्हें रेहड़ी चालकों में बांट दिया गया। एक महीने तक सैनेटरी इंस्पैक्टर और उनकी टीमें अभियान के तहत बोरियां लगाने के लिए चेतावनी देती रही।
आखिर 5 नवंबर को चेतावनी अभियान खत्म होने के बाद शहर के विभिन्न इलाकों में नौ रेहड़ियों को बोरियां न लगाने की वजह से जब्त किया गया। सूत्रों के मुताबिक आने वाले दिनों में निगम इसे सख्ती से लागू करने की योजना बना रहा है और बोरियां न लगाने वाली रेहड़ियों पर कार्रवाई के लिए टीम भी बनाई जा रही है।
रेहड़ी मार्कीट प्रपोजल अभी खत्म नहीं हुआ। इसमें थोड़ी देरी जरूर हुई है, लेकिन जल्द ही यह क्रियान्वित दिखाई देगा। इस पर समीक्षा चल रही है। - श्वेत मलिक, मेयर
जगह मुहैया करवाना निगम का काम नहीं है, लेकिन किसी की रोजी प्रभावित न हो, इस लिए रेहड़ी मार्कीट का प्रस्ताव रखा गया था। इसे जल्द बनाया जाएगा। - डीपीएस खरबंदा, कमिश्नर निगम










