राखी के दीवाने को कानूनी मात
अमृतसर. फिल्म और टीवी अदाकारा राखी सांवत के दीवाने जतिन शर्मा को उस समय कानूनी मात खानी पड़ी, जब सीजेएम अमृतसर करनैल सिंह की अदालत ने कानूनी खामियों के कारण उसके मानहानि के मामले को खारिज कर दिया। इसमें उसने राखी सांवत के खिलाफ पांच लाख का मुआवजा दिलवाने का अनुरोध किया था। मामले में हालांकि हजारों की कोर्ट फीस लगनी थी, किंतु उसने सिर्फ 640 रुपए दे रखे थे।
गौरतलब है कि एनडीटीवी के ईमेजिन चैनल पर प्रसारित हुए राखी के स्वयंर कार्यक्रम के चलते राम नगर कालोनी, इस्लामाबाद निवासी जतिन शर्मा पुत्र चमन लाल ने राखी से शादी करने की इच्छा जाहिर की थी। उसके अनुसार चैनल द्वारा दिए गए कांटेक्ट नंबर पर फोन करने पर राखी ने उसे 20 जुलाई, 2009 को ऋषिकेश बुलाया था।
वह अपने दोस्त निशान शर्मा के साथ वहां गया, तो राखी ने उसे एसएमएस करके संदेश दिया कि वह उसे 28 जुलाई को घर मिलने आएगी। मारे खुशी के उसने अपने घर के समीप एक पैलेस में हाल भी बुक करवा दिया, लेकिन राखी वायदे के अनुसार इस बार भी नहीं पहुंची।
उसका कहना है कि वह राखी का इतना दीवाना हो चुका था कि उसने अपने बाजू और छाती पर राखी सांवत का नाम गुदवा रखा था। जतिन का कहना था कि राखी ने हर बार उसे बेवकूफ बनाते हुए उसके मान सम्मान को भारी ठेस पहुंचाई है, जिसकी कभी भी भरपाई नहीं हो सकती।










