कोर्ट के आदेश हवा में
रोहतक. कोर्ट के आदेशों को ठेंगा दिखाते हुए रेजीडेंशियल एरिया में व्यावसायिक इस्तेमाल हो रहा है। इससे मकान मालिक चांदी कूट रहे हैं और खामियाजा सरकार को उठाना पड़ रहा है। अगर प्रशासन थोड़ा सा कड़ा रुख बरते तो सरकार के खजाने में सालाना लाखों रुपए का इजाफा होगा।
प्रशासन की लापरवाही का फायदा मकान मालिक जमकर उठा रहे हैं। सरकार ने जब से हाउस टैक्स और चूल्हा टैक्स माफ किया है, लोगों ने मकानों को कमर्शियल रूप से इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। इससे लोगों को किराए के रूप में अच्छी खासी इन्कम भी होती है और टैक्स भी नहीं भरना पड़ता। प्रशासन अगर शहर में सर्वे कराए तो सैकड़ों मकान ऐसे मिल जाएंगे, जहां कमर्शियल इस्तेमाल किया जा रहा है।
सेक्टर भी नहीं अछूते
शहर के सेक्टर भी इससे अछूते नहीं हैं। मकानों में ब्यूटी पार्लर, दुकान, प्रोपर्टी डीलर कार्यालय और सरकारी कार्यालय खुले हुए हंै। हुडा प्रशासन को सब जानकारी होने के बाद भी मकान मालिकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करता। मकानों में ही कोचिंग सेंटर व अन्य शैक्षणिक गतिविधियां चलाई जाती हैं। हुडा प्रशासन पता नहीं क्यों इनके खिलाफ अभियान नहीं चलाता।
सरकारी अधिकारी भी करते हैं उल्लंघन
विभिन्न विभागों के सरकारी अधिकारी भी कोर्ट के आदेशों को अनदेखा कर मकानों में सरकारी कार्यालय चला रहे हंै। चुन्नीपुरा स्थित होमगार्ड के कार्यालय का तो इतना बुरा हाल है कि जहां कर्मचारी कार्य करते हैं, वहीं मकान मालिक पशु बांधता है। अगर प्रशासन इनके खिलाफ कार्रवाई करे तो और भी समस्या उत्पन्न हो जाएगी क्योंकि सरकारी कार्यालय के लिए प्रशासन के पास फिलहाल जगह नहीं है।
यहां चल रहे हैं सरकारी कार्यालय
सुखपुरा चौक पर विजीलेंस कार्यालय
प्रेमनगर में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग
झंग कालोनी में फोरेस्ट विभाग
हाउसिंग बोर्ड कालोनी में शिक्षा बोर्ड
भरत कालोनी में आयुष विभाग
सुभाष नगर में श्रम विभाग
गौड़ कालेज स्थित अपराध जांच शाखा
दुर्गा कालोनी में खादी एवं ग्राम उद्योग
चुन्नीपुरा में होमगार्ड कार्यालय
शहर में जहां-जहां रेजीडेंशियल एरिया में कमर्शियल इस्तेमाल हो रहा है, वहां-वहां सर्वे कराकर उनकी सूची तैयार की जाएगी। इसके बाद मकान मालिकों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में शीघ्र ही शहर वासियों को नोटिस जारी कर आगाह कर दिया जाएगा, ताकि बाद में कार्रवाई करने में आसानी हो। - बीएन भारती, ईओ, नगर परिषद










