सवा साल बाद भी नहीं मिली स्कॉलरशिप
कोटा. नेशनल टैलेंट सर्च एग्जाम (एनटीएसई—08) में राज्य से चयनित 250 मेधावी छात्र 10वीं से 12वीं कक्षा में पहुंच गए, लेकिन उन्हें सवा साल बाद भी 500 रुपए मासिक स्कॉलरशिप नहीं मिल सकी। राष्ट्रीय स्तर पर कड़ी प्रतिस्पर्धा में चयनित इन छात्रों ने स्कॉलरशिप के लिए एनसीईआरटी से फोन, फैक्स और ईमेल से कई बार संपर्क करने की कोशिश की पर उन्हें 15 माह से कोई जवाब नहीं मिल रहा। रविवार को एनटीएसई,09 का पहला चरण फिर से शुरू होने जा रहा है।
राष्ट्रीय शैक्षणिक अनुसंधान परिषद (एनसीईआरटी) द्वारा आयोजित राष्ट्रीय प्रतिभा खोज परीक्षा (एनटीएसई,08) का पहला चरण हर साल नवंबर में राज्य स्तर पर होता है। 2008 में राज्य से 10 हजार प्रतिभागियों ने लिखित परीक्षा दी, जिसमें से 250 का दूसरे राउंड के लिए चयन हुआ।
राष्ट्रीय स्तर पर दूसरे चरण की परीक्षा के बाद चयनित छात्रों को तीसरे चरण में इंटरव्यू के आधार पर 500 रुपए प्रतिमाह छात्रवृत्ति के लिए चुना गया। देशभर से चयनित 1 हजार छात्रों को यह स्कॉलरशिप स्कूल से स्नातक स्तर तक मिलती है। चयनित छात्र दिवाकर सुरेका, अंचित गुप्ता, अभिषेक मीणा, अक्षय सिंघल ने बताया कि अगस्त,08 में इंटरव्यू देने के बाद सितंबर मंे उनका चयन हुआ।
डाक से फार्म भेजने के बाद भी छात्रवृत्ति नहीं मिली तो फैक्स और ईमेल से भी एनसीईआरटी को कई बार फार्म भेजे, लेकिन वहां से सवा साल बाद भी कोई जवाब नहीं दिया जा रहा है। छात्र कविति सांई सौरव, भानुप्रताप और विकास मीणा का कहना कि टैलेंट सर्च की इस कड़ी प्रतिस्पर्धा में राष्ट्रीय स्तर पर सफल होने के बावजूद स्कॉलरशिप नहीं मिलने से उन्हें निराश होना पड़ रहा है।
डेढ़ साल में नहीं हुआ फाइनल राउंड : राज्य के साइंस एवं टेक्नोलॉजी विभाग द्वारा पहली बार आयोजित किए गए स्टेट साइंस ओलिम्पियाड (एसएसओ,08) का पहला चरण अगस्त,08 में हुआ था, इसका फाइनल राउंड दिसंबर,08 में होना था, लेकिन इसे अभी तक आयोजित नहीं किया गया। इससे हजारों छात्र भ्रमित हुए।
हजारों मेधावी छात्र स्कॉलरशिप के लिए हर साल नेशनल टैलेंट सर्च एग्जाम में शामिल होते हैं। एनसीईआरटी को पारदर्शिता रखते हुए छात्रों की मदद के लिए हेल्प सेंटर बनाने चाहिए।
नीलेश गुप्ता, विभाग प्रमुख, पीसीसीपी डिवीजन, रेसोनेंस










