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Sunday, November 08, 2009 03:42 [IST]  

danik bhaskarपांच अफसरों सहित 10 के खिलाफ मुकदमे दर्ज होंगे

भास्कर न्यूज

जोधपुर. नई सड़क पर सिनेमा हॉल की जमीन का नियम विरुद्ध भू—उपयोग परिवर्तन करने के मामले में पड़ताल कर रही एसीबी ने नगर निगम के पांच तत्कालीन अफसरों सहित दस लोगों के खिलाफ आखिरकार दो साल बाद मामला दर्ज करने का निर्णय कर ही लिया।



मामला वार्षिक ग्राउंड रेंट पर दी गई जमीन के भू-—उपयोग परिवर्तन से राज्य सरकार को करीब 97 लाख रुपए का आर्थिक नुकसान पहुंचाने से जुड़ा है। पुलिस महानिरीक्षक (एसीबी), जयपुर सुधाकर जौहरी ने बताया कि जोधपुर के संभागीय आयुक्त ने जांच के बाद मॉल के निर्माण पर रोक लगा दी है।



इससे एसीबी के अनुसंधान को बल मिला है। दो साल तक परिवाद पर प्रारंभिक अनुसंधान चला, लेकिन अब एसीबी ने भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज करने का निर्णय कर लिया है। निगम के जिन पांच अफसरों के खिलाफ मामला दर्ज किया जा रहा है उनमें तत्कालीन सीईओ गणपतलाल व रामपाल और तत्कालीन आयुक्त मोहनलाल गुप्ता, अबरार अहमद व महिपालसिंह का नाम है।



आरोपियों में निगम के विधि अधिकारी जोगीराम पंवार, कनिष्ठ लिपिक वेद प्रकाश और लखपत फिल्म एक्सचेंज के पार्टनर जयंतीलाल, कांतीलाल व भगवती भी शामिल हैं। गौरतलब है कि न्यास ने वष्र्स 1982 में लखपत फिल्म एक्सचेंज को नई सड़क पर 4141 वर्ग गज जमीन वार्षिक ग्राउण्ड रेंट पर दी थी।



न्यास की शर्त थी कि यह जमीन केवल सिनेमा हॉल प्रयोजन के लिए है और स्वामित्व न्यास का ही रहेगा। सिनेमा हॉल से राज्य सरकार को भी मनोरंजन कर के रूप में आय होती रहे।



बावजूद दो साल पहले निगम ने भूमि का भू-उपयोग परिवर्तन सिनेमा हॉल से कमर्शियल कॉम्पलेक्स में कर दिया। सिनेमा हॉल बंद होने से एक तरफ सरकार को मिलने वाला मनोरंजन कर बंद हो गया और वहीं, नियम विरुद्ध भू उपयोग परिवर्तन से सरकार को करीब 97 लाख रुपए का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।



इसी को आधार बनाकर एसीबी ने दस लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज करने का निर्णय लिया है। उल्लेखनीय है कि प्रकरण में मामला दर्ज करने की सिफारिश करीब दो साल पहले ही एसीबी चौकी जोधपुर ने जयपुर मुख्यालय को भिजवा दी थी, लेकिन निर्णय अब किया गया है।



आईजी जौहरी ने बताया कि मामला दर्ज करने का निर्णय हो गया और अब कभी भी प्रकरण दर्ज किया जा सकता है।



प्रकरण में ये लोग फंसे
गणपतलाल, तत्कालीन सीईओ, नगर निगम:
आरोप: नगर नियोजन, जोधपुर से राय प्राप्ति के लिए पत्रावली प्रेषित की और एसीबी ने नियम विरुद्ध भू-उपयोग परिवर्तन में सहयोगी माना।



रामपाल, तत्कालीन सीईओ, नगर निगम:
आरोप: संशोधित भू-उपयोग परिवर्तन व नगर निगम में जमा अधिक राशि पुन: लौटने का आदेश निकाला।



अबरार अहमद, तत्कालीन आयुक्त, नगर निगम :
आरोप: भूखण्ड के नियम विरुद्ध भू-उपयोग परिवर्तन में सहयोग।



महीपालसिंह, तत्कालीन आयुक्त, नगर निगम:
आरोप: भू-उपयोग परिवर्तन की राशि की गणना कर 1 करोड़ 23 लाख 81 हजार 877 रुपए का चेक जमा कर नियम विरुद्ध कार्य में सहयोग।



मोहनलाल गुप्ता: तत्कालीन आयुक्त, नगर निगम:
आरोप: वार्षिक लीज की गणना कर (4141 वर्ग गज) 37 हजार 273 वर्ग फीट भूमि की लीज राशि 6 लाख 44 हजार 91 रुपए जमा करना।



जोगीराम पंवार, विधि अधिकारी, नगर निगम:
आरोप: नगर सुधार न्यास (अब जेडीए) उजरदारी में विधिक बल नहीं होना बताकर नियम विरुद्ध भू-उपयोग परिवर्तन के समर्थन में टिप्पणी अंकित करना।



वेद प्रकाश, कनिष्ठ लिपिक, नगर निगम:
आरोप: नियम विरुद्ध भू-उपयोग परिवर्तन व सरकार का राजस्व नुकसान पहुंचाने में सहयोग।



जयंतीलाल, कांतीलाल व भगवती, गिरधर मंदिर सिनेमा हॉल (लखपत फिल्म एक्सचेंज) के पार्टनर:
आरोप: इस जानकारी के बावजूद कि न्यास ने उन्हें यह जमीन वार्षिक ग्राउण्ड रेंट पर सिनेमा हॉल के उपयोग के लिए दी है, निगम के अफसरों व कार्मिको ं से सांठ-गांठ कर भू-उपयोग परिवर्तन करवाना।

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