दाल पानी पानी, खिचड़ी से गायब
जयपुर. राज्य के सरकारी स्कूलों के करीब 70 लाख बच्चों को अब पोषाहार (मिड डे मील) में पौष्टिक खाना नहीं मिल पा रहा। कीमतों में बढ़ोतरी के चलते कई स्कूलों में मेन्यू से दाल ही गायब हो गई है। कहीं दाल पानी-पानी है तो कहीं खिचड़ी से गायब हो गई है। हालत यह है कि ज्यादातर स्कूलों में ‘नौकरी’ का हवाला देते हुए शिक्षक जेब से बच्चों के खाने का भुगतान करने को मजबूर हैं।
‘भास्कर’ ने राष्ट्रीय पोषाहार कार्यक्रम की जमीनी हकीकत जानने के लिए कई स्कूलों का दौरा किया तो स्थिति चौंकाने वाली नजर आई। कई स्कूलों में बच्चों को सप्ताह में चार दिन मिलने वाली दाल एक दिन ही नसीब हो पा रही है। फल गिने—चुने स्कूलों में ही मिल पा रहे हैं।
शिक्षक मजबूरी बताते हुए तर्क देते हैं कि खाद्य पदार्थो की बढ़ी कीमत के अनुपात में सरकार की ओर से देय राशि में किसी प्रकार की बढ़ोतरी नहीं होने से ऐसे हालात पैदा हो रहे हैं। राजस्थान पंचायती राज कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष मूलचंद गुर्जर व प्रवक्ता नारायण सिंह ने सरकार से राशि बढ़ाने की मांग की है।










