रिहाइश की कैटेगरी बदली, हजयात्री परेशान
जयपुर.
हज पर जा रहे लोगों को रिहाइश की कैटेगरी बदलने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई हजयात्री ऐसे हैं, जिन्होंने आवेदन फॉर्म में ह्वाइट कैटेगरी भरी और उसी के आधार पर शुल्क जमा करा दिया, लेकिन अब रिपोर्टिग स्थल पर उन्हें बताया जा रहा है कि सेंट्रल हज कमेटी ने उनकी कैटेगरी बदलकर ग्रीन ऑर्डिनरी कैटेगरी कर दी है, साथ ही उन्हें डिफरेंस की राशि तुरंत जमा कराने को कहा जा रहा है।
कैटेगरी बदलने से परेशान हजयात्रियों का कहना है कि अब ऐन वक्त पर वे रकम कहां से लाएं। जो कैटेगरी भरी थी, उसके आधार पर सेंट्रल हज कमेटी को रकम जा करा चुके हैं। अब रिपोर्टिग के समय बताया जा रहा है कि उनकी कैटेगरी बदल दी गई है और उन्हें डिफरेंस की राशि जमा करानी है वरना बुकिंग नहीं हो सकेगी।
हज कमेटी के मुख्य प्रशिक्षक हाजी शाहिद मोहम्मद का कहना है कि सेंट्रल हज कमेटी की ओर से जारी की गई कैटेगरी ही मान्य होगी। इस बार ग्रीन ऑर्डिनरी के लिए 1 लाख 17 हजार 778 रुपए, ह्वाइट के लिए 1 लाख 8 हजार 454 रुपए और अजीजिया कैटेगरी के लिए 1 लाख 1 हजार 794 रुपए शुल्क रखा गया था, अगर किसी ने ह्वाइट कैटेगरी के आधार पर रकम जमा करा दी और उसे ग्रीन ऑर्डिनेरी कैटेगरी में माना गया है तो उसे डिफरेंस की राशि सेंट्रल हज कमेटी के खाते में जमा करानी होगी।
हजयात्री अपनी कैटेगरी की जानकारी नेट से प्राप्त कर सकता है। हजयात्रा 2009 की चौथी फ्लाइट में 271 हजयात्री व एक दो वर्षीय बच्च जोधपुर निवासी मुजम्मिल हज के लिए रवाना हुए। इस फ्लाइट में चूरू, हनुमानगढ़, नागौर, ब्यावर, दौसा, जयपुर, मकराना, सुजानगढ़, रतनगढ़ व पाली के हजयात्री शामिल थे।










