पहले दिन चार प्रत्याशियों ने दाखिल किए नामांकन
जयपुर. नगर निगम चुनाव के नामांकन पत्र दाखिल करने के पहले दिन शनिवार को पार्षद के लिए चार प्रत्याशियों ने नामांकन पत्र दाखिल किए, वहीं महापौर के लिए किसी प्रत्याशी ने नामांकन नहीं भरा। चुनाव लड़ने के इच्छुक लोग कलेक्ट्रेट में दिनभर मतदाता सूचियां देखते रहे तथा नामांकन पत्र लेकर दूसरी औपचारिकताएं पूरी करवाईं।
निगम के महापौर व 77 वार्डो में पार्षद के लिए चुनाव 23 नवंबर को होगा तथा नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि 11 नवंबर है। निगम चुनाव को नोटिफिकेशन जारी होने के साथ ही 16 सहायक रिटर्निग अधिकारियों ने नामांकन पत्र लेना शुरू कर दिया। शनिवार को निगम के 77 वार्डो के लिए 600 से ज्यादा लोगों ने नामांकन पत्र खरीदे, जबकि पहले दिन केवल चार लोगों ने नामांकन पत्र दाखिल किया।
निगम के वार्ड नं. 3 से सुनील शर्मा ने कांग्रेस व निर्दलीय के रूप में नामांकन भरा। वार्ड नं. 25 से भावना शेखावत, वार्ड नं. 54 से मूलचंद तथा वार्ड नं. 73 से अब्दुल नफीस खान ने नामांकन पत्र दाखिल किए। कलेक्टर कुलदीप रांका ने बताया कि सोमवार, मंगलवार व बुधवार को नामांकन पत्र दाखिल जमा होंगे। एक प्रत्याशी के साथ ही केवल पांच व्यक्ति ही सहायक रिटर्निग अधिकारी के कक्ष में प्रवेश कर सकेंगे।
औपचारिकताएं पूरी करने में लगे
चुनाव लड़ने के इच्छुक लोग नामांकन पत्र लेने के साथ ही शपथ पत्र बनवाने सहित अन्य औपचारिकताएं पूरी करने में लगे रहे। रविवार की छुट्टी रहने से सोमवार को आवेदन दाखिल करने के लिए लोगों ने मतदाता सूची की प्रमाणित कॉपी भी ली।
वीडियोग्राफी बनी औपचारिकता
आचार संहिता की पालना करने के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी ने नामांकन पत्र दाखिल करने सहित अन्य क्रिया-कलापों की वीडियोग्राफी कराने का फैसला किया था। कर्मचारियों ने बताया कि 20 वीडियो कैमरे लगाने थे, लेकिन पहला दिन होने से पूरी व्यवस्था नहीं हो पाई तथा नामांकन पत्र दाखिल करने की भी पूरी वीडियोग्राफी नहीं हो सकी।
गैरहाजिरी पर गिरेगी गाज
जिला प्रशासन ने निगम चुनावों के लिए विभिन्न विभागों के करीब 15 हजार कर्मचारियों के डच्यूटी पर लगाया है। आदेश तामील कराने के लिए सभी विभागों में डच्यूटी ऑफिसर लगाए हैं। प्रशासन ने संबंधित विभागाध्यक्षों को चुनाव डच्यूटी पर तैनात कर्मचारियों को तत्काल कार्यमुक्त करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर कुलदीप रांका ने बताया कि चुनाव कार्य से गैरहाजिर रहने वाले कर्मचारियों के खिलाफ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।










