पुलिस निरीक्षक सहित तीन गिरफ्तार
जयपुर. रिश्वत में जमीन के आठ पट्टे लेने के प्रकरण में सीबीआई टीम ने शनिवार को पुलिस निरीक्षक भंवरलाल चौधरी, सहायक रजिस्ट्रार अनिल मित्तल तथा सीएलजी सदस्य कैलाश चौधरी को गिरफ्तार कर लिया। तीनों को 12 नवंबर तक रिमांड पर लिया गया है।
मामला सीबीआई में जाने के बाद चौधरी और मित्तल फरार हो गए थे। एसपी ने चौधरी को सस्पेंड कर दिया था। सीबीआई सूत्रों के अनुसार जमीन पर कब्जा कराने की एवज में रिश्वत में आठ पट्टा लेने के प्रकरण में पूर्व में गिरफ्तार महेश चौधरी के बैंक लॉकर में आठ पट्टे तथा दो की पट्टों की फोटो कॉपी मिली थी।
इन पट्टों में दो अनिल मित्तल के रिश्तेदारों के नाम, चार पट्टे श्याम नगर थाने के तत्कालीन पुलिस निरीक्षक भंवर लाल चौधरी के रिश्तेदारों तथा परिजनांे के नाम से तथा अजमेर रोड पर पदमावती कॉलोनी निवासी कैलाश चौधरी के परिजनों के नाम से दो पट्टे थे। इसके अलावा दो पट्टों की फोटो कॉपी मिली थी।
इस प्रकरण में हाइकोर्ट ने मामले की जांच एसीबी से लेकर दिल्ली सीबीआई को सौंप दी थी। मामले की जांच के लिए दिल्ली सीबीआई की टीम करीब पंद्रह दिनों से जयपुर में जांच कर रही थी।
ये मिला था लॉकर में
सीबीआई सूत्रों के अनुसार वैशाली नगर स्थित एक बैंक के लॉकर में एसीबी की टीम को आठ पट्टों के अलावा एक शर्तनामा मिला था। जिसमें तीन मामलों पर अंतिम रिपोर्ट लगाने, महेन्द्र अग्रवाल, सज्जन अग्रवाल को गिरफ्तार कर दोनों के खिलाफ 182 की कार्रवाई करने तथा कुकरखेडा स्थित जमीन पर कब्जा करने की बात लिखी गई थी।
यह शर्तनामा रमेश चंद शर्मा तथा उप अधीक्षक रघुवीर सिंह चारण के बीच हुआ था। जिसमें रघुवीर के हस्ताक्षर नहीं थे। मामले का खुलासा होने पर राज्य सरकार ने डीएसपी को सस्पेंड कर दिया था। इस संबंध में रमेश चंद शर्मा ने एसीबी को शिकायत की थी कि तत्कालीन पुलिस उप अधीक्षक रघुवीर सिंह चारण उससे कुकरखेडा की चालीस हजार वर्ग गज जमीन पर कब्जा कराने की एवज में चार हजार वर्ग गज जमीन के पट्टे मांगे है जो लॉकर में रखे हैं।
इस मामले में एसीबी की टीम ने दो बिचौलिए इन्द्र चौधरी तथा महेश चौधरी को गिरफ्तार किया था। प्रकरण की जांच हाइकोर्ट ने दिल्ली सीबीआई को सौंप दी थी। जांच में सामने आया है कि पुलिस अधिकारियों ने पूर्व में भी दो बार कब्जे कराए थे जिसमें काफी लेन देन हुआ था।
मुख्य आरोपियों पर कार्रवाई नहीं
इस प्रकरण में दिल्ली सीबीआई टीम ने बिचौलिए पुलिस निरीक्षक तथा दो अन्य को गिरफ्तार कर लिया जिनके नाम से पट्टे थे लेकिन उन अधिकारियों के खिलाफ अभी तक कार्रवाई नहीं की जिनकी शह पर इन्होंने ऐसा किया था। इस प्रकरण में पांच बिचौलिए थे, जिनकी गिरफ्तारी हो चुकी है। इसके अलावा लॉकर में दो पट्टो फोटो कॉपी मिली थी उनकी भी जांच नहीं हुई है। ये पट्टे विश्वकर्मा गृह निर्माण सहकारी समिति के थे तथा दो महिलाओं के नाम से जारी किए गए थे।










