Danik Bhaskar Logo
| 42 Editions | 10 States

Sunday, November 08, 2009 05:05 [IST]  

danik bhaskarधीरज ही शेयर बाजार का धन

भास्कर न्यूज

investmentजयपुर. शेयर बाजार के भारी उतार—चढ़ाव के दौर में यदि आपको स्मार्ट निवेशक बनना है और लाभ कमाना है तो इसके लिए दीर्घकालिक निवेश ही सही राह है, जिसमें समझदारी और धीरज का उपयोग उतना ही जरूरी है जितना निवेश के लिए धन।



देश के शीर्ष शेयर बाजार विशेषज्ञों ने ये टिप्स शनिवार को बिड़ला ऑडिटोरियम में दैनिक भास्कर और सीएनबीसी आवाज द्वारा आयोजित स्मार्ट इन्वेस्टर टॉक शो के दौरान दिए। विशेषज्ञों की सही और सटीक राय जानने के लिए बेताब निवेशकों से पूरा ऑडिटोरियम खचाखच भरा हुआ था। इन विशेषज्ञों में प्रीमियम इन्वेस्टमेंट्स के सीईओ और एडीटर एसपी तुलसियान, आनंद राठी ग्रुप के चेयरमैन आनंद राठी और सीएनबीसी आवाज के एडीटर संजय पुगलिया शामिल थे।



तुलसियान ने अपने संबोधन में कहा कि निवेशकों को क्वालिटी स्टॉक्स में ही अपना पैसा डालना चाहिए और यह ध्यान रखना चाहिए कि बाजार में गिरावट उतनी नहीं होती जितनी निवेशक के दिमाग में होती है। जब भी बाजार टूटता है निवेशक सोचता है वह अपन घाटे को किसी तरह कम कर लें जबकि निवेश में स्टॉक लॉस का काम ही नहीं होता है। यह बात ट्रेडर्स पर लागू होती है आम निवेशक पर नहीं।



उन्होंने कहा कि चुनिंदा सेक्टर में निवेश करके लाभ कमाया जा सकता है जिनमें बैंकिंग, चीनी, इंफ्रास्ट्रक्चर, नॉन फैरस मेटल और ऑटोमोबाइल मुख्य हैं जबकि टेलीकॉम, पेपर, टैक्सटाइल और टायर कंपनियों में निवेश से फिलहाल बचना चाहिए।



आनंद राठी ने अपने प्रजेंटेशन में कहा कि निवेशक को अपने जोखिम का आकलन करना चाहिए जिसमें पूंजी और रिटर्न दोनों शामिल हैं। यह भी ध्यान रखना होगा कि सारा निवेश एक ही सेक्टर में न चला जाए। यदि किसी निवेशक को शॉर्ट टर्म में पैसा कमाना है तो उसके लिए शेयर बाजार उचित स्थान नहीं है।



यह बाजार छह माह की अवधि वालों के लिए भी नहीं है। दो—तीन साल के लिए पैसा लगाएं तो रिटर्न भी अच्छा मिलेगा। निवेशकों को दीर्घकालीन सोच के साथ ही बाजार में उतरना चाहिए। साथ ही सेक्टरोल निवेश में संतुलन भी बनाए रखें। उनके अनुसार भारतीय अर्थव्यवस्था ने हर बाधा पार की है और हमारी जीडीपी ग्रोथ भी सुनहरा भविष्य दर्शाती है। राठी ने कहा कि ब्याज दरें नहीं बढ़ने वाली हैं और सरकारी क्षेत्र की कंपनियों के शेयरों की बिक्री से प्राथमिक बाजार को बढ़ावा ही मिलेगा। कमोडिटी बाजार में निवेश फायदे का सौदा है।



सीएनबीसी आवाज के संपादक संजय पुगलिया ने कहा कि दुनियाभर में मंदी के दौर में भारत मजबूती के साथ खड़ा है। हमारी जीडीपी ग्रोथ छह फीसदी से अधिक है और हमारी यर्थाथवादी सोच इसमें अहम भूमिका निभा रही है। वैश्विक अर्थव्यवस्था में अब मंदी की धुंध छंट चुकी है। इससे पूर्व, दैनिक भास्कर के संपादकीय सलाहकार सेवानिवृत्त आईएएस डॉ. महेंद्र सुराणा ने अतिथियों और आंगतुकों का स्वागत किया।



उन्होंने कहा कि शेयर बाजार को इन विशेषज्ञों के जरिये समझना ही बेहतर है क्योंकि उन्होंने अपने अनुभव से इसकी कीमत चुकाई है। उन्होंने कहा कि भास्कर ऐसे आयोजन आगे भी करता रहेगा। अंत में पोद्दार प्रबंधन संस्थान के डायरेक्टर और प्रोफेसर डॉ. राजेश कोठारी ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर भास्कर के सीओओ मनोज अग्रवाल भी मौजूद थे।

  share
apne vichaar
post a comment
name:
email:
website:
code:
 
select your language:
Hindi Roman Hindi Phonetic English
comment: