नेताओं के दबाव में डीजीपी के निर्देशों की अवहेलना
चंडीगढ़. पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) परमदीप सिंह गिल के निर्देशों की उनके अधीनस्थ पुलिस अधिकारी अवहेलना कर रहे हैं। कारण इन अफसरों पर राजनेताओं का जबरदस्त दबाव है। सूत्रों की मानें तो राजनेता अपने चहेते पुलिस अफसरों को थाने की जिम्मेदारी सौंपने या उन्हें न हटाने के लिए एसएसपी पर दबाव बनाए रहते हैं।
एसएसपी की दिक्कत यह है कि अगर वह नेताओं की न माने तो वे उसके खिलाफ तमाम तरह के आरोप लगा कर उसे हटाने की साजिश रचना शुरू कर देते हैं। इसलिए एसएसपी भी डीजीपी के निर्देशों का पालन करने के बजाय नेताओं की इच्छा के मुताबिक चलना ज्यादा मुनासिब समझते हैं।
यह है डीजीपी के निर्देश : डीजीपी ने पंजाब आम्र्ड पुलिस (पीएपी)के अधिकारियों व कर्मचारियों को फील्ड से हटाने के निर्देश दिए थे और उन संबंधित कर्मियों को पुलिस लाइन में तैनाती करने को कहा था। शुरुआत में लुधियाना के एक व मोहाली के एक इंस्पेक्टर को हटाया भी गया। लेकिन बाद में इस पर ब्रेक लग गया।सूत्रों का कहना है कि राज्य के सभी बड़े जिलों में अधिकतर एसएचओ पीएपी के ही हैं।
पीएपी मुलाजिम नाराज : डीजीपी के निर्देश से पंजाब आम्र्ड पुलिस के कर्मचारी काफी क्षुब्ध हैं। उनका कहना है कि उन्होंने क्या गुनाह किया है, जो फील्ड में उनकी तैनाती रोकी जा रही है। उनका कहना है जब पहले पीएपी के कर्मियों को फील्ड में तैनाती की जाती थी, तो अब उनको क्यों रोका जा रहा है।
एसएसपी कर रहे हैं मनमर्जी : फील्ड में तैनात पीएपी के लोगों को हटाने के निर्देश का पालन मुख्य रूप से जिलों के एसएसपी को करना था, क्योंकि थानों पर एसएचओ की तैनाती का फैसला उनके ही अधिकार क्षेत्र में आता है। लेकिन ज्यादातर ने डीजीपी के निर्देश की अनदेखी ही की, कुछ ने यह कह कर पल्ला झाड़ लिया कि उन्हें तो इस निर्देश की जानकारी ही नहीं है।










