आइडिया पर आईटी एक्ट का केस दर्ज
चंडीगढ़. जांच में सहयोग न देने पर पुलिस ने शनिवार शाम टेलीकॉम कंपनी आइडिया के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। आरोप है कि आइडिया का मोबाइल नंबर इस्तेमाल कर ऑकरुट पर मेडिकल छात्रा का अश्लील प्रोफाइल बनाया गया।
साइबर इन्वेस्टीगेशन सेल ने जांच शुरू की तो कंपनी ने उस आरोपी के बाबत जानकारी नहीं दी, जिसने कंपनी का पब्लिक आईपी व मोबाइल इस्तेमाल करते हुए यह प्रोफाइल बनाया था। पुलिस को अभी तक आरोपी का पता नहीं चला है। पुलिस अब मोहाली ऑफिस से कंपनी के सीईओ को गिरफ्तार करेगी।
यह पहली बार है जब पुलिस को जानकारी न देने पर किसी टेलीकॉम कंपनी के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने कंपनी की गंभीर लापरवाही का हवाला देते हुए टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ट्राई) को पत्र भी लिखा है।
मेडिकल छात्रा सेक्टर 32 की दिव्या ने साइबर सेल में शिकायत दी थी कि किसी ने उसके नाम से अश्लील प्रोफाइल तैयार कर ऑकरुट पर डाल दिया है। इस प्रोफाइल मंे दिव्या की दो फोटो भी लगाई गई है। इस पर इंस्पेक्टर हरदित्त सिंह ने जांच शुरू की। इंस्पेक्टर ने जांच शुरू की तो पता चला कि यह प्रोफाइल इसी साल 4 जुलाई को शाम 5.38 बजे साइट पर डाला गया है। प्रोफाइल जिस आईपी नंबर से डाला गया है, वह मोहाली फेज 7 की एचएफसीएल इंफोटेल लिमिटेड कंपनी को अलॉट है।
एचएफसीएल से संपर्क करने पर पता चला कि कंपनी ने इस आईपी एड्रेस की इंटरनेट लीजलाइन आइडिया के मोहाली कार्यालय को दे रखी है। साइबर सेल ने आइडिया के नोडल अफसर को पत्र लिखकर कहा कि इस आईपी नंबर से जिस शख्स ने अश्लील प्रोफाइल डाला, उसने किस मोबाइल नंबर को इस्तेमाल किया इसकी जानकारी दी जाए। कोई जवाब न मिला तो पुलिस ने दोबारा चिट्ठी लिखी।
जवाब मिला कि कंपनी ने अपने जीपीआरएस सिस्टम को सर्च कर लिया है। उस मोबाइल का पता नहीं चला जिससे यह प्रोफाइल नेट पर डाला गया। नियमानुसार उपभोक्ता को इंटरनेट लीजलाइन देते वक्त एक डायनेमिक पब्लिक आईपी नंबर दिया जाता है, जिसके जरिये उपभोक्ता नेट यूज करता है। आइडिया ने कनेक्ट कंपनी से लीजलाइन ले रखी है और एक पब्लिक आईपी नंबर से कई उपभोक्ताओ को जीपीआरएस एक्सेस कराया जाता है, जो नियमों के खिलाफ है। इसी वजह से कंपनी आरोपी के मोबाइल का पता नहीं लगा पाई।
कानूनी राय के बाद केस दर्ज : इस मसले पर पुलिस ने कानूनी राय ली। कानूनी राय में कहा गया कि इस तरह तो कोई भी साइबर क्राइम करके फरार हो सकता है। कंपनी की लापरवाही को देखते हुए उनके खिलाफ आईटी एक्ट की धारा 79 की सेक्शन तीन के तहत तुरंत केस दर्ज किया जाए। अश्लील प्रोफाइल डालने वाले के खिलाफ केस दर्ज हो।इसी आधार पर साइबर क्राइम इन्वेस्टीगेशन सेल ने आइडिया और अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।











