निर्दलीयों के वारे-न्यारे
चंडीगढ़. मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने शनिवार को अपना दरबार सजा लिया। पहले चरण में राज्यपाल जगन्नाथ पहाड़िया ने छह कैबिनेट व तीन राज्यमंत्रियों को शपथ दिलाई गई। इसके अलावा हरियाणा में पहली बार नौ मुख्य संसदीय सचिव बनाए गए, जिन्हें मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने शपथ दिलाई। सभी सात निर्दलीय विधायकों को पद दे दिए गए हैं।
चार निर्दलीयों को मंत्री और बाकी तीन को मुख्य संसदीय सचिव बनाया गया। कांग्रेस को समर्थन देने वाले बसपा के विधायक अकरम खान को डिप्टी स्पीकर बनाने के कयास लगाए जा रहे हैं। अभी चार मंत्री और बनाए जा सकते हैं। मंत्री पद की पहली दौड़ में कांग्रेस के कई दिग्गज मुंह ताकते रह गए।
राजभवन में शपथग्रहण का दौर दो बार चला। निर्दलीय विधायक सुखबीर कटारिया के देरी से पहुंचने के कारण उन्हें बाद में शपथ दिलाई गई। मंत्रिमंडल को लेकर दो दिनों से बवाल मचा हुआ था। शपथ ग्रहण समारोह की घोषणा शुक्रवार को चुकी थी, लेकिन मंत्रियों की सूची जारी नहीं की गई है।
बताया जा रहा है कि सूची को सुबह दोबारा बदला गया। उम्मीद थी कि कुलदीप बिश्नोई की हजकां सुबह समर्थन दे देगी। राजभवन में नए मंत्रियों के बैठने के स्थान पर 10 कुर्सियां लगाई गई। बाद में पंडाल व स्टेज से एक कुर्सी को हटा दिया गया। जलेब खान को मंत्री बनने की उम्मीद थी, लेकिन उन्हें मुख्य संसदीय सचिव बना दिया गया।
मंत्रिमंडल गठन में हुड्डा किरण चौधरी को बाहर रखने में कामयाब रहे। मंत्री बनने वाले कांग्रेस के सभी विधायक उनके खेमे के हैं। किरण चौधरी के समर्थक रामकिशन फौजी, निर्दलीय प्रहलाद गिल्लाखेड़ा को पद देकर उन्होंने वहां भी सेंध लगा ली है। साथ ही किरण चौधरी के धुर विरोधी धर्मबीर को पद दिलाने में कामयाब रहे। शपथ लेने वाले तीनों अहीर विधायक भी उनके खेमे के माने जाते हैं।










