मध्यप्रदेश के लिए 25 हजार करोड़ की वृहद योजना
इंदौर. केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री कमलनाथ ने बताया केंद्रीय सड़क निधि के तहत मप्र की सड़कों के लिए केंद्र सरकार पहले 100 से 150 करोड़ रुपए देती थी। इस साल रिकॉर्ड बढ़ोतरी करते हुए अब तक 480 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी जा चुकी है।
जल्द ही यह आंकड़ा 600 से 700 करोड़ रुपए तक जाएगा। उन्होंने बताया अगले चार साल में उनका मंत्रालय प्रदेश में राजमार्गो के लिए 25 हजार करोड़ रुपए निवेश करेगा। इस राशि से अन्य प्रोजेक्टों के अलावा भोपाल-जबलपुर, रीवा-जबलपुर, औबेदुल्लागंज-बैतूल-नागपुर, छिंदवाड़ा-नरसिंहपुर, जबलपुर-मंडला-सिवनी और भोपाल-ब्यावरा जैसे प्रोजेक्ट शुरू होंगे। पत्रकार वार्ता के दौरान सांसद सज्जनसिंह वर्मा, वरिष्ठ भाजपा नेता कृपाशंकर शुक्ला सहित कई कांग्रेस नेता मौजूद थे।
रोजगार में स्थानीय निवासियों को मिले प्राथमिकता
डेली कॉलेज इसलिए आया हूं क्योंकि उस स्कूल को देखना चाहता था जिसने दिग्विजयसिंह को तैयार किया है।
मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान द्वारा प्रदेश के लोगों को पहले रोजगार देने की बात पर उन्होंने कहा इस मामले में मुख्यमंत्री स्पष्टीकरण दे चुके हैं। मेरा मानना है रोजगार के मामले में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता मिलना चाहिए।
बिजली की कमी के बारे में कमलनाथ ने कहा राज्य सरकार के एमओयू कर देने से बिजली उत्पादन नहीं होता, उसके लिए धरातल पर काम दिखना चाहिए।
बढ़ती महंगाई से केंद्र सरकार भी चिंतित है और इसे कम करने के प्रयास लगातार हो रहे हैं। इसे रोकने के लिए खाद्यान्न का डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क भी प्रभावी भूमिका निभा सकता है। राज्य सरकारों को इस पर ध्यान देना चाहिए।
जब श्री चौहान ने प्रदेश में खाद की कमी का मामला मेरे ध्यान में लाया तो मैंने मंत्रीमंडल से निर्णय करा दिया कि मप्र के खाद कोटे में कोई कमी न हो।
मध्यप्रदेश में सबसे बड़ी जरूरत रोजगार और निवेश अवसर बढ़ाने की है। सड़कें हर क्षेत्र को प्रभावित करती हैं। अच्छी सड़कें बनेंगी तो रोजगार भी बढ़ेगा और नए उद्योग भी आएंगे।










