‘सुविधा’ के प्लॉट आवंटन पर आने लगी आपत्तियां
इंदौर. शुक्रवार को मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान द्वारा सुविधा गृहनिर्माण संस्था से संबंधित प्लॉटों के आरक्षण पत्र वितरण को जमीन घोटालों के पटाक्षेप की शुरुआत माना जा रहा था। जबकि मुख्यमंत्री के जाते ही इसे लेकर नए विवाद उठने शुरू हो गए हैं। जिन लोगों के प्लॉट आरक्षित हुए हैं उनमें से कुछ ने आपत्ति दर्ज कराई है। वहीं दूसरी ओर अधिकारियों में भी प्रक्रिया को लेकर मतभेद की चर्चा है।
सुविधा गृहनिर्माण संस्था के 74 में से 54 सदस्यों को आईडीए ने स्कीम-53 में संस्था की रत्नलोक कॉलोनी में भूखंड आवंटित किए थे। इसके अलावा 22 सदस्यों के लिए स्कीम-११३ में प्लॉट आरक्षित किए गए हैं। संस्था प्रबंधक सुरेंद्र सिंह के अनुसार कुछ सदस्यों ने आपत्ति ली है कि जब उन्होंने भूखंड बुक कराए थे तो उन्हें डेढ़ किमी दूर स्कीम-113 में भूखंड क्यों दिए जा रहे हैं। इस आपत्ति से सहकारिता विभाग के अधिकारियों को भी अवगत कराने की बात श्री सिंह ने कही।
सीधी बात
क्या आरक्षण पत्र जारी करने के संबंध में तैयार ड्राफ्ट आप संभागायुक्त को दिखाने गए थे।
ऐसा कुछ नहीं हुआ था।
सदस्यों को दूसरी स्कीम में भूखंड देने के संभागायुक्त द्वारा जारी निर्देश लिखित में देने के लिए कहा था?
संस्था का अनुबंध था इसलिए हमने प्लॉट दिए हैं। ऐसा कुछ भी नहीं हुआ था।
अगर प्रस्ताव में कोई त्रुटि है तो हम ठीक करवार सकते है लेकिन हमने जो भी काम किया नियमों के तहत किया है। - मधु वर्मा, अध्यक्ष, आईडीए
संभागायुक्त से प्लॉटों के आवंटन को लेकर कुछ मतभेद सामने आए हैं?
ऐसा कुछ भी नहीं है।
आपको संभागायुक्त ने कोई पत्र जारी किया है?
नहीं कुछ नहीं हुआ, ऐसा है तो आप साहब (संभागायुक्त) से ही पूछिये। - प्रमोद गुप्ता, सीईओ, आईडीए
प्लॉट आवंटन को लेकर आईडीए से क्या मतभेद है?
कोई मतभेद नहीं है।
प्लॉट आवंटन को लेकर भी कुछ शिकायतें आई है?
इतने सालों से परेशान हो रहे थे, हमने प्लॉट दिलवाया है, यदि किसी को कोई दिक्कत है तो वह प्लॉट वापस कर दे। हम दूसरों को आवंटित कर देंगे। - बसंतप्रताप सिंह, संभागायुक्त
संभागायुक्त और आईडीए में मतभेद की चर्चा
संभागायुक्त बसंतप्रताप सिंह और आईडीए में भी आरक्षण प्रक्रिया को लेकर मतभेद की चर्चा रही। सूत्रों के अनुसार आईडीए अध्यक्ष मधु वर्मा और सीईओ प्रमोद गुप्ता अन्य अधिकारियों के साथ संस्था के प्लॉट आवंटन के सिलसिले में संभागायुक्त श्री सिंह से मिलने गए थे, तब संभागायुक्त ने आईडीए को मुख्यमंत्री की इंदौर यात्रा का हवाला देते हुए संस्था के सदस्यों को दूसरी स्कीम में प्लॉट आवंटन करने के लिए कहा था।
इस पर आईडीए अध्यक्ष और सीईओ ने इस मामले में प्रमुख सचिव आवास एवं पर्यावरण की स्वीकृति नहीं होने की बात कही। जिस पर संभागायुक्त ने उनके कहने से ऐसा करने के लिए आईडीए के दोनों प्रमुखों को कहा। इस पर संभागायुक्त ने लिखित में कुछ भी देने से साफ इंकार कर दिया।
इस बात को उनके साथ गए दो अधिकारियों ने प्रोसिडिंग पर ले लिया था। उसी दिन दोपहर में इस पर आपत्तियां आना शुरू हो गईं। जिसके कारण आईडीए के नियमों का उलंघन का मामला बनता नजर आने पर संभागायुक्त ने आईडीए से जवाब तलब किया, हालांकि इस मामले में सभी अधिकारी बचते हुए जवाब दे रहे है।










