एलआईजी तिराहे से शिवाजी प्रतिमा तक फ्लायओवर बनाएगा केंद्र
इंदौर. केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री कमलनाथ ने राज्य सरकार को इंदौर में एलआईजी तिराहे से शिवाजी प्रतिमा तक फ्लायओवर का निर्माण केंद्रीय सड़क निधि से बनाने का प्रस्ताव दिया है। उन्होंने कहा देवास-ग्वालियर फोरलेन रोड को केंद्र ने मेगा प्रोजेक्ट में शामिल किया है और यह रोड विश्वस्तरीय होगी।
इसमें करीब चार हजार करोड़ रुपए खर्च होंगे। कमलनाथ शनिवार को डेली कॉलेज में हुई पत्रकार वार्ता में बोल रहे थे। एबी रोड के शहरी हिस्से में फ्लायओवर बनाने का आग्रह सांसद सज्जनसिंह वर्मा ने किया था। जब पत्रकारों ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि पहले भी एलआईजी तिराहे से शिवाजी प्रतिमा तक एलिवेटेड ब्रिज बनाने की चर्चा थी लेकिन एबी रोड पर चल रहे बीआरटीएस कॉरिडोर के कारण इसे फिजीबल नहीं पाया गया, तो उनका कहना था हमारी जानकारी के अनुसार यह इंदौर की सालों पुरानी मांग है। दो किलोमीटर लंबा यह फ्लायओवर ट्रैफिक दबाव कम कर सुगम आवागमन का माध्यम बनेगा।
इंदौर-हरदा-बैतूल टू लेन के लिए 175 करोड़ रुपए
उन्होंने बताया इंदौर से नागपुर की सड़क यात्रा को बेहतर बनाने के लिए नेशनल हाईवे क्रमांक 59 ए (इंदौर-हरदा-बैतूल खंड) को 175 करोड़ रुपए खर्च कर टू लेन का बनाया जाएगा। इसके बनने से नागपुर की दूरी करीब 100 किलोमीटर कम हो जाएगी।
केवल चर्चाओं और घोषणाओं तक सीमित रही योजना
अब तक केंद्र को नगर निगम या राज्य शासन की ओर से एबी रोड पर फ्लायओवर या एलिवेटेड ब्रिज बनाने संबंधी कोई प्रस्ताव नहीं भेजा गया है। हालांकि कई बार ऐसी योजनाएं चर्चाओं और घोषणाओं में आती रहीं लेकिन कभी मैदानी काम नहीं हुआ।
एलआईजी तिराहे से गीताभवन चौराहे तक एलिवेटेड ब्रिज बनाने के लिए प्रारूप तैयार करने के निर्देश प्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने आईडीए को दिए थे लेकिन बाद में इसे उपयोगी नहीं पाया गया। इससे पहले पलासिया चौराहा का यातायात व्यवस्थित करने के लिए ग्रेड सेपरेटर बनाने का निर्णय हुआ था।
इसमें एमजी रोड, एबी रोड और ग्रेटर कैलाश रोड की तरफ भुजाएं बनाने का निर्णय हुआ लेकिन बाद में पूरी योजना ठप पड़ गई। लंबे अंतराल के बाद तय हुआ कि ग्रेटर कैलाश तरफ की भुजा हटाई जाए लेकिन इसके बावजूद कोई काम शुरू नहीं हो सका।
फिट हो सकता है फ्लायओवर
नगरीय प्रशासन और विकास विभाग के प्रमुख सचिव राघवचंद्रा ने भास्कर को बताया कि राज्य सरकार की तरफ से तो ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं भेजा गया है। हालांकि ऐसा फ्लायओवर बीआरटीएस कॉरिडोर पर फिट हो सकता है। तकनीकी रूप से यह देखना पड़ेगा कि कितनी लंबाई का ब्रिज बीआरटीएस कॉरिडोर के हिसाब से उपयोगी होगा।










