हाकी टीम ट्रेन से रवाना
भोपाल. म्यांमार में 11 नवंबर से शुरू हो रहे अंडर-18 एशिया कप हाकी टूर्नामेंट में भाग लेने भारतीय हाकी टीम शनिवार रात 9.00 बजे भोपाल एक्सप्रेस से दिल्ली रवाना हो गई। टीम रविवार शाम छह बजे दिल्ली से म्यांमार के लिए उड़ान भरेगी। गत चैंपियन भारतीय टीम को अपने पूल ए में पारंपरिक प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान, मलेशिया, ताइपे और श्रीलंका के साथ रखा गया है।
टीम अपना अभियान 13 नवंबर को श्रीलंका के खिलाफ शुरू करेगी। भारतीय टीम ने इस टूर्नामेंट के लिए करीब 40 दिन भोपाल में खूब पसीना बहाया है। खिलाड़ियों ने भारतीय महिला हाकी टीम के साथ ही अभ्यास किया है। भारतीय महिला हाकी टीम इन दिनों बैंकाक में एशिया कप में हिस्सा ले रही है। टीम ने फाइनल में प्रवेश कर लिया है। जहां उसका मुकाबला कल चीन से होगा।
महिला खिलाड़ियों के फाइनल में पहुंचने से भी इन जूनियर खिलाड़ियों को प्रेरणा मिल है। टीम के साथ रवाना हुए सहायक कोच रिपुदमन सिंह कहते हैं कि खिलाड़ियों ने डेढ़ महीने काफी परिश्रम किया है। सभी खिलाड़ी पहली बार एक साथ किसी बड़े टूर्नामेंट में खेलेंगे। उन्होंने कहा कि हमारे खिलाड़ी 18 वर्ष से कम आयु वर्ग के हैं। लेकिन बाहरी टीमें भी इसी आयु वर्ग के खिलाड़ी उतारेंगी। इसकी संभावना कम है। फिर भी हम जीत कर लौटेंगे।
यह असमानता क्यों: क्या भारतीय अंडर-18 क्रिकेट टीम होती तो क्या वह भी ट्रेन से रवाना होती? ट्रेन से भी रवाना होती तो क्या स्लीपर कोच से? अगर ट्रेन से भी रवाना होना होता कम से स्लीपर से तो नहीं जाते। वातानुकूलित कोच की व्यवस्था जरूर होती। कोच और खिलाड़ियों का इस ओर ध्यान दिलाया गया तो उन्होंने खुलकर तो कुछ नहीं कहा लेकिन इतना जरूर कहा कि क्या करें। व्यवस्था ही ऐसी है। व्यवस्था के खिलाफ बोले तो परिणाम पता है। इसलिए जो है सो ठीक है। हमें खेलने से मतलब।










