माल किसका पता नहीं!
भोपाल. भेल दशहरा मैदान के पास शनिवार को मालगाड़ी की वैगन से संदेहास्पद स्थिति में दोपहर करीब दो बजे सीमेंट की बोरियां उतार ट्रकों से ले जाई गईं। मालगाड़ी भेल कारखाने के लिए माल लेकर आई थी। इस मुद्दे पर भेल प्रबंधन का कहना है कि इस मालगाड़ी से भेल कारखाने के लिए मशीनों के सामान के साथ सीमेंट की बोरियों से भरी वैगन भी जुड़ी थीं।
इसलिए प्रबंधन ने इन वैगन को कारखाने के अंदर नहीं जाने दिया। इन वैगन को मालगाड़ी से अलग कर दशहरा मैदान के पास रेलवे ट्रेक पर ही छोड़ दिया था। यह माल किसका था, प्रबंधन को इसकी जानकारी नहीं थी। इस संबंध में जब रेलवे से बात की गई तो रेलवे प्रशासन का कहना है कि यह माल भेल का ही है। भेल के लिए जाने वाली मालगाड़ी में किसी और का माल नहीं ले जाया जाता है।
यदि किसी दूसरे का माल होता भी है, तो उसे मालगोदाम में खाली कराया जाता है। भास्कर संवाददाता ने जब मौके पर जाकर वहां माल ढुलाई कर रहे मजदूरों से बात की तो उन्होंने बताया कि कारखाने के गोदाम में जगह कम होने के कारण माल उतारकर पास स्थित गोदामों में ले जाया जा रहा है, लेकिन कहां ले जाया जा रहा है यह उन्हें भी पता नहीं है।
इन सबके बीच यह प्रश्न उठना लाजिमी है कि यदि माल भेल का नहीं है, तो फिर उसे टाउनशिप के अंदर कैसे उतारने की अनुमति दी गई। यदि अनुमति नहीं दी गई तो भेल क्षेत्र में सामान कैसे उतारा गया। भेल प्रशासन ने इस पर आपत्ति क्यों नहीं उठाई। इसके अलावा बिना अनुमति इन वैगन की सील किसने तोड़ी तथा रेलवे प्रशासन इस समय क्या कर रहा था।
भेल की विजिलेंस टीम ने चैकिंग के दौरान पाया कि यह माल भेल का नहीं है। इसलिए कारखाने के अंदर इन वैगन को जाने की अनुमति नहीं दी गई। दशहरा मैदान पर यह वैगन खाली हुईं हैं, इसकी जानकारी हमें नहीं है। - चित्रेश दत्ता, भेल प्रवक्ता
यह माल भेल का ही है। यदि किसी दूसरे का माल होता तो हम माल गोदाम में खाली करवाते। इस संबंध में और जानकारियां जुटाई जा रही हैं। - यशवंत चौधरी, सीनियर डीसीएम, पश्चिम मध्य रेलवे










