आवक में तेजी परिवहन धीमा
तिल्दा-नेवरा. खरीदी केंद्रों में धान की आवक धीरे-धीरे बढ़ती जा रही है। इस हिसाब से धान का परिवहन नहीं हो पा रहा है। सोसाइटियों में धान के करीब 60 हजार कट्टे खुले आसमान के नीचे रखे हुए हैं।
इन्हें सुरक्षित रखने का कोई तरीका नहीं अपनाया गया है। बिना तालपत्री के धान के बोरे ओस की नमी से भीग रहे हैं। गत वर्ष की अपेक्षा इस बार अब तक 50 हजार बोरा धान की खरीदी कम हुई है, जबकि धान खरीदी पिछले साल की अपेक्षा आठ दिन पहले शुरू की गई है। ब्लाक की विभिन्न सोसाइटियों में अब तक 2 करोड़ 30 लाख 74 हजार रुपए की धान खरीदी हो चुकी है। गौरतलब है कि 12 अक्टूबर से धान खरीदी शुरू हुई है और 31 अक्टूबर तक केवल 6 हजार 5 सौ क्विंटल धान की खरीदी हुई थी।
इस दौरान 13 सोसाइटियों के 16 खरीदी केंद्रों में से अनेक सोसाइटी में धान खरीदी की बोहनी तक नहीं हुई थी। इसके बाद 1 से 6 नवबंर के बीच करीब तीन गुना धान की आवक विभिन्न खरीदी केंद्रों में हुई। इस एक हप्ते के भीतर एक करोड़ 75 लाख रुपए की धान खरीदी हुई। देवरी खरीदी केंद्र और भिभौंरी उपखरीदी केंद्र में सबसे अधिक 3165 क्विंटल धान की खरीदी हुई है और सबसे कम सरफोंगा खरीदी केंद्र में 173 क्विंटल की खरीदी हुई है। वहीं सरोरा और सरफोंगी खरीदी केंद्र में अब तक एक हजार क्विंटल धान की खरीदी नहीं हुई है।
व्यवस्था चाक-चौबंद
धान खरीदी केंद्रों में खरीदी की पूरी चाक-चौबंद व्यवस्था की गई है, केवल धान आने का इंतजार है। सभी खरीदी केंद्रों में एक लाख 91 हजार बारदाना भेजा गया है। इसके अलावा किसानों को भुगतान के लिए भटकना न पड़े इसके लिए सभी खरीदी केंद्रों को 5 से 10 लाख रुपए एडवांस में दिया गया है। भुगतान के लिए सभी सोसाइटियों का अलग-अलग दिन तय किया गया है।










