भू-भाटक से लोगों को मिली बड़ी राहत
रायपुर. राज्य सरकार ने रायपुर विकास प्राधिकरण और हाउसिंग बोर्ड के भूखंड व मकानों में भूभाटक समाप्त कर मालिकाना हक देने का निर्णय लेकर हजारों लोगों को हमेशा के लिए बड़ी राहत दे दी है। इस निर्णय से कम से कम 80 हजार लोगों को सीधा लाभ हो रहा है।
इस निर्णय से उन लोगों को अधिक फायदा होगा जिनको 30 साल के पट्टे की अवधि समाप्त होने पर नवीनीकरण कराना पड़ता है। इससे भू भाटक पुरानी दर पर लगने के बजाय वर्तमान दर पर लगाया जाता है। इससे कई लोगों का भूभाटक 10-10 गुना तक बढ़ जाता है। इसी प्रकार रायपुर विकास प्राधिकरण का भूखंड या मकान लेने पर अब जो नई रजिस्ट्री हो रही है, उनमें सालाना काफी भू भाटक लगता है।
मसलन एक हजार वर्गफीट के प्लाट के मालिक को हर साल 8 से 9 हजार रुपए तक भूभाटक देना पड़ रहा है। इसके अलावा पिछले कई सालों से शहर में इस बात का विरोध हो रहा था कि प्रशासन लोगों के साथ दोहरा मापदंड अपनाया हुआ है। शहर के बाकी लोगों को केवल संपत्तिकर देना पड़ता है जबकि रायपुर विकास प्राधिकरण और हाउसिंग बोर्ड के भवन लेने वालों को संपत्तिकर के साथ भू भाटक भी देना पड़ता है।
हाउसिंग बोर्ड कमिश्नर सुबोध सिंह ने बताया कि हाउसिंग बोर्ड के करीब 70 हजार हितग्राहियों को इस योजना का लाभ मिलेगा। इनके अलावा आरडीए के 10 हजार हितग्राही हैं। भू भाटक समाप्त करने के लिए काफी दिनों से मांग हो रही थी। आवास एवं पर्यावरण मंत्री राजेश मूणत ने सरकार की दूसरी पारी में इस मामले को प्रमुखता से लिया और नईदिल्ली में इस संबंध में लिए गए निर्णय की विस्तृत जानकारी मंगाई। उस आधार पर राज्य में भी प्रस्ताव तैयार करवाया। इसके लिए राजस्व तथा नगर तथा ग्राम निवेश के प्रचलित नियमों में संशोधन किया जाएगा।
एक मकान या भूखंड से किस दर पर एकमुश्त राशि ली जानी है, इस बारे में निर्णय बाद में होगा। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने इसके लिए मुख्य सचिव पी. जाय उम्मेन की अध्यक्षता में समिति गठित की है। समिति नियम प्रक्रिया तय करने के साथ ही एकमुश्त राशि लेने के संबंध में फैसला करेगी।
सरकार के इस निर्णय से हाउसिंग बोर्ड और रायपुर विकास प्राधिकरण को किसी प्रकार का आर्थिक नुकसान नहीं होगा।










