नींद खुलते ही भौचक
ग्वालियर. शहर की पॉश कालोनियों में शनिवार की सुबह पुलिस-पAशासन की सायरन बजाती गाड़ियां सन्नाटे को चीरते हुए पहुंचें तो लोगों की नींद खुल गई, मार्निग वाक पर निकले लोग ठिठक गए। लोग एक-दूसरे से पूछ रहे थे कि क्या कहीं कोई वारदात हो गई है?
जिन घरों पर छापे मारे गए, उनके पड़ोसियों को तो कुछ अनहोनी की भी आशंका हुई, वे बाहर आए और हिम्मत कर अधिकारियों से उनके आने की वजह पूछी तब जाकर उनका संशय दूर हुआ। जल संसाधन विभाग के अफसरों के यहां छापामार कार्रवाई देख सुबह सैर करने निकले लोग सहम गए।
खासकर पड़ोसियों को आशंका होने लगी कि कोई अनहोनी तो नहीं हो गई है, क्यों आई है इतनी पुलिस? पड़ोसियों ने परिजनों को जगाकर जानकारी दी। लोग हिम्मत कर बाहर निकले और अफसरों से पूछा कि कुछ हो गया है क्या?
तब उन्होंने ने पड़ोसियों को निश्चिंत रहने को कहा और बताया कि ऐसा कुछ नहीं है, सब सामान्य है, कुछ जांच-पड़ताल करने आए हैं। कुछ स्थानों पर टीम ने जब दस्तक दी तब इंजीनियरों के परिजनों ने खिड़कियों से झांककर बाहर देखा तो एक-दो लोग ही दिखे, बाकी बाहर सड़क पर खड़े थे।
परिजनों ने पूछा तो उन्हें बताया गया कि दरवाजा खोलें, इंजीनियर साहब को जगाएं और बताएं कि जांच करने आए हैं। जिन परिजनों ने भय के कारण दरवाजे नहीं खोले, तब पुलिस ने सामने आकर भय दूर किया। कार्यपालन यंत्री हरसी उच्चस्तरीय नहर परियोजना बरजोर सिंह यादव के ज्योतिनगर स्थित आवास पर तो छापा मारने खुद ईओडब्ल्यू एसपी ओपी मित्तल गए।
श्री मित्तल ने यहां सुबह पांच बजे से दस्तावेजों की छानबीन शुरू की जो देर रात तक जारी रही। राजघाट परियोजना के सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता एचडी जोशी के माधौगंज इलाके में आंग्रे साहब का बाड़ा स्थित निवास पर ईओडब्ल्यू जबलपुर के एसपी अशोक गोयल छापा मारने पहुंचे। घर पर ताला लगा देख उन्होंने घर को सील कर दिया।
टीम ने यहां कुल सात ताले डाले। ईओडब्लू में तेज-तर्रार मानी जाने वाली डीएसपी अंशुमान अग्रवाल को हरीशंकरपुरम स्थित कॉवेरी अपार्टमेंट में एसडीओ आरके नाहर के घर छापा मारने की जिम्मेदारी दी गई। बाहर से सौम्य लेकिन अंदर से सख्त स्वभाव की अंशुमान अग्रवाल अपनी ईमानदार छवि के लिए विभाग ही नहीं, पूरे पुलिस विभाग में चर्चित हैं।










