पुलिस के रवैये से आहत पिता की मौत
चंडीगढ़. आपके घर में दो जवान बेटियां हैं, भगवान न करे पर उनसे छेड़छाड़ होती है तो आप क्या करेंगे? अगर आप जवान हैं, तो शायद गुस्ताखी करने वाले से भिड़ जाएं, लेकिन बुजुर्ग हैं तो पुलिस के पास जाएंगे। 48 साल के गजराज ने दूसरा रास्ता चुना, लेकिन पुलिस ने अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई। आरोपी का हौसला बढ़ गया, गजराज की परिवार के लिए असुरक्षा की भावना भी बढ़ गई और दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई।
घटना मनीमाजरा के इंदिरा कॉलोनी की है, जहां लोगों ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वहां अभी तनाव बरकरार है। कॉलोनी के प्रधान गजराज की बेटी सविता और मोनू शुक्रवार को मार्केट गई थीं। लौटते वक्त कॉलोनी के ही राके श और उसके दोस्तों ने रास्ता रोककर उनसे छेड़छाड़ की। घटना से बुरी तरह सहमी लड़कियां घर पहुंचीं और पिता को बताया।
उसी दिन शाम को गजराज ने मनीमाजरा थाने में शिकायत दर्ज कराई। घटना की पूरी जानकारी एसएचओ प्रताप सिंह को दी गई। पुलिस ने गजराज के साथ जाकर आरोपी राकेश को दबोचा और थाने लाई। गजराज को लगा कि उन्हें इंसाफ मिल गया। लेकिन कुछ ही घंटों बाद हालात बदल गए और बिना किसी कार्रवाई के राकेश को छोड़ दिया गया। राकेश थाने से निकलकर सीधा गजराज के घर के बाहर अपने दोस्तों के साथ खड़ा हो गया।
आरोप है कि राकेश ने गजराज को खुलकर चुनौती दी, ‘जो चाहे कर लो, मैं इसी तरह छेड़छाड़ करता रहूंगा।’ गजराज फिर थाने पहुंचे, लेकिन किसी ने उनकी नहीं सुनी। गजराज ने खुद को बेइज्जत और परिवार को असुरक्षित महसूस किया। रविवार सुबह गजराज ने राकेश को फिर घर के आसपास मंडराते देखा। दोनों में कुछ कहासुनी भी हुई। इसके थोड़ी देर बाद गजराज की घर पर दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई।
पुलिस को कोसा
गजराज की मौत के बाद इंदिरा कॉलोनी में तनाव का माहौल है। गजराज के घर के बाहर सैकड़ों की तादाद में लोग इकट्ठा हो गए। कांग्रेस की कॉलोनी सेल के कई कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंच गए। लोगों ने पुलिस की कारगुजारी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
लोगों का आरोप था कि पुलिस आरोपियों को निजी स्वार्थ के लिए बचा रही है, जिससे कॉलोनी में लोगों की जान जा रही है। माहौल तनावपूर्ण हुआ और प्रदर्शनकारियों ने पुलिस थाना घेरने की योजना बनाई। इसके बाद डीएसपी जसबीर सिंह चीमा मौके पर पहुंचे। स्थिति तनावपूर्ण देखकर डीएसपी ने पंजाब पुलिस के कमांडो भी बुला लिए।
मौत के बाद कार्रवाई
इस बार भी मनीमाजरा थाना पुलिस देर से हरकत में आई। गजराज की मौत के बाद थाना पुलिस ने राकेश के खिलाफ रास्ता रोकने, छेड़छाड़ और जान से मारने की धमकी देने का केस दर्ज किया और उसे गिरफ्तार भी कर लिया। पुलिस के आला अफसर स्पष्ट नहीं कर पाए कि आखिर पहले कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
पुलिस आरोपियों से मिली हुई है। आरोपी राकेश तो ऐसी बयानबाजी भी करता था कि उसकी पुलिस में बहुत जान पहचान है। हुआ भी यही, पुलिस ने उसे पकड़ा और छोड़ दिया। मेरे पिता की मौत की जिम्मेवार भी पुलिस ही है। - सविता
हमारे पास दो दिन पहले शिकायत आई थी। उसकी जांच जारी थी। राकेश को पकड़ा गया था, लेकिन उसने बयान दिया था कि छेड़छाड़ में वह शामिल नहीं है। हां, अब उसे पकड़ लिया गया है। शिकायत में वह दोषी पाया गया है। - प्रताप सिंह, एसएचओ मनीमाजरा
पूरा मसला मेरी जानकारी में है। पुलिस की भूमिका की जांच का जिम्मा डीएसपी जसबीर सिंह चीमा का दिया गया है। मेरी जानकारी के अनुसार मसला लड़की का था, इसलिए पहले खुद ही शिकायतकर्ता आरोपियों पर कार्रवाई नहीं कराना चाहते थे। अगर इसमें पुलिस की लापरवाही सामने आई, तो तुरंत कार्रवाई की जाएगी। - सुधांशु शेखर श्रीवास्तव, एसएसपी










