छह वर्ष में ही बूढ़ी हो गई मेट्रो!
नई दिल्ली. रविवार को मेट्रो रेल एक बड़े हादसे से बच तो गई, लेकिन अपने पीछे कई सवाल छोड़ गई। समय के साथ ही राजधानी के यात्रियों को समय व धन की बचत कराने के वादे करने वाली दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन की साख पर सवालिया निशान लगने लगे हैं। ऐसा लगता है कि मात्र छह वर्षो के कार्यकाल में मेट्रो की कलई खुलने लगी है।
रोजाना की तरह रविवार को भी लोग मेट्रो से अपने गंतव्यों के लिए मेट्रो स्टेशन पहुंचे। लेकिन, यात्रियों को यह नहीं पता था कि आज मेट्रो उनके माथे पर शिकन ला देगी। और उनकी यात्रा आधी-अधूरी व अफरा-तफरी में बीतेगी। कुछ ऐसी ही स्थितियों का सामना करने वाले रवि शर्मा बताते हैं कि वे रोज यमुना बैंक स्टेशन से मेट्रो पकड़ते हैं। लेकिन, रविवार के हालात को देखकर अब उनको मेट्रो में सवारी करने के लिए कई बार सोचना पड़ेगा।
वे बताते हैं कि रोज की तरह वे मयूर विहार फेज-3 से बस लेकर यमुना बैंक मेट्रो स्टेशन पर करीब चार बजे पहुंचे। उन्हें करोल बाग जाना था। स्मार्ट कार्ड रखने की वजह से बिना समय गंवाए वे तुरंत प्लेटफार्म नंबर तीन पर पहुंचे। चार बजकर पांच मिनट पर मेट्रो प्लेटफार्म पर आकर लगी। यात्री सवार हो गए। पांच मिनट तक गाड़ी रुकी रही, फिर अचानत लाइट और एसी बंद हो गए। सबने सोचा कि कोई तकनीकी खराबी आ गई है, जो थोड़ी देर में ठीक हो जाएगी। तभी मेट्रो के गेट खोल दिए गए और एनाउंस किया जाने लगा कि तकनीकी खराबी की वजह से गाड़ी कुछ देर बाद रवाना होगी।
कृपया यात्री गाड़ी से उतर जाएं। सवा पांच बजे तक गाड़ी प्लेटफार्म पर खड़ी रही। इस दौरान स्टेशन पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। थोड़े-थोड़े अंतराल पर ऐसी ही घोषणा हो रही थी कि तकनीकी खराबी की वजह से गाड़ी थोड़ी देर बाद चलाई जाएगी। यात्रियों से धर्य रखने की भी अपील की जा रही थी। लेकिन, डीएमआरसी का कोई भी कर्मचारी या अधिकारी यात्रियों की शंका दूर करने के लिए तैयार नहीं था।
काफी इंतजार के बाद कई यात्री टिकट वापस करने पहुंचे तो उनका टिकट वापस लेने से डीएमआरसी ने मना कर दिया। इस पर काफी देर तक हंगामा होता रहा। जिन यात्रियों के पास स्मार्ट कार्ड था, सिर्फ वे ही स्टेशन से बाहर निकल पाए। इस अफरा-तफरी के बीच यह घोषणा की जाने लगी कि सवा पांच बजे गाड़ी रवाना होगी। स्टेशन परिसर से बाहर निकलने की कोशिश में नाकाम रहे यात्री वापस प्लेटफार्म की ओर भागे।
करीब 5.25 बजे गाड़ी प्लेटफार्म से रवाना हुई। लेकिन, जैसे-जैसे गाड़ी आगे बढ़ रही थी, भीड़ बढ़ती ही जा रही थी। राजीव चौक स्टेशन से जब गाड़ी रवाना हुई तो ब्लू लाइन बसों की तरह ठसाठस भरी हुई थी। एसी चलने एवं ठंड के मौसम होने के बावजूद यात्रियों के पसीने छूट रहे थे। इसी तरह कई यात्रियों अशोक शर्मा, राहुल दूबे, शमीम, चंदन आदि ने परेशानी को बयां किया।










