हिरासत में मौत: एसआई को सात साल की कैद
चंडीगढ़. पुलिस हिरासत में अनिल की मौत के मामले में जिला अदालत ने एसआई नरिंदर सिंह को सात साल कैद और 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुलाई 2008 में मनीमाजरा पुलिस स्टेशन में हिरासत के दौरान अनिल की मौत हो गई थी। शुक्रवार को एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज राज राहुल गर्ग ने सब इंस्पेक्टर नरिंदर सिंह को अनिल की हत्या में भारतीय दंड संहिता की धारा 304(2) औरा 218 के तहत दोषी माना था।
एसआई नरिंदर पहले से ही पुलिस कस्टडी में है। उसकी जमानत याचिका हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से भी खारिज हो चुकी है। सरकारी वकील मनु कु क्कड़ ने बताया कि मेडिकल साक्ष्यों और अन्य सबूतों के आधार पर नरिंदर को अनिल की मौत का जिम्मेदार माना गया। इस केस में नरिंदर के खिलाफ 15 दिसंबर 2008 को कोर्ट में आरोप तय किए गए थे।
क्या था मामला
मनीमाजरा की कांस्टेबल हरजीत कौर ने पुलिस में शिकायत की थी कि मॉर्डन हाउसिंग कॉम्प्लेक्स में उनके घर के पास एक युवक संदिग्ध हालत में घूम रहा है। शिकायत के बाद कॉलोनी नं. 4 के अनिल कुमार को एसआई नरिंदर और कांस्टेबल पूछताछ के लिए थाने ले गए। परिजनों का आरोप था कि अनिल को नरिंदर ने जमकर पीटा। फिर अनिल को पीजीआई ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।
पुलिस की दलील थी कि अनिल की मौत थाने की खिड़की से छलांग लगाते वक्त गिरने से हुई। पुलिस ने अनिल का क्रिमिनल बैकग्राउंड बताते हुए उसे एक मामले में वांटेड बताया था। जबकि अनिल के परिजनों के मुताबिक अनिल 12वीं पास था और आईटीआई से डिप्लोमा होल्डर था।










