इंडस्ट्री डायरेक्टर जंजुआ रिश्वत लेते गिरफ्तार
चंडीगढ़. पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने पहली बार किसी आईएएस अधिकारी को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह आईएएस अधिकारी हैं सेक्रेटरी-कम-डायरेक्टर इंडस्ट्री एंड कॉमर्स विजय कुमार जंजुआ। सोमवार दोपहार विजिलेंस ने उन्हें उद्योग भवन कार्यालय से दो लाख रुपये लेते दबोच लिया। देर रात विजिलेंस ने उनकी मोहाली स्थित कोठी पर दबिश देकर अहम दस्तावेज कब्जे में लिए।
विजिलेंस ब्यूरो के जांच अधिकारियों के अनुसार लुधियाना के मिश्रा बॉयलर के मालिक टीआर मिश्रा ने अपनी फैक्ट्री के साथ लगता 1600 गज का प्लॉट लेने के लिए उद्योग विभाग में आवेदन किया था। इस प्लॉट के लिए वह करीब आठ-नौ वर्षो से आवेदन करते आ रहे थे, लेकिन अधिकारी कोई न कोई अड़चन डाल देते थे। मिश्रा ने उद्योग विभाग के सचिव-कम-डायेरक्टर से मिलकर बताया कि वे नियमों को पूरा कर रहे हैं, लेकिन विभाग के अधिकारी आनाकानी कर रहे हैं।
जंजुआ ने मिश्रा से कहा कि प्लॉट देने में कई औपचारिकताएं पूरी करनी पड़ेंगी। इसके एवज में आईएएस अधिकारी जंजुआ ने छह लाख रुपये मांगे। सौदा पांच लाख में तय हुआ। मिश्रा ने कहा कि वह किस्तों में ही रकम दे पाएंगे। मिश्रा ने जंजुआ की शिकायत विजिलेंस ब्यूरो से की। सोमवार सुबह विजिलेंस ब्यूरो ने जाल बिछाया और नंबरों वाले नोट देकर मिश्रा को सेक्टर-17 स्थित उद्योग भवन भेजा।
विजिलेंस ब्यूरो के जांच अधिकारियों ने दो सरकारी गवाह साथ लिए, जो रिश्वत की रकम देने के लिए मिश्रा और विजिलेंस अधिकारियों के साथ गए। विजिलेंस ब्यूरो ने जंजुआ के खिलाफ मोहाली के फ्लाइंग स्क्वाड-1 थाने में भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है। विजिलेंस ब्यूरो जंजुआ को मंगलवार को मोहाली की अदालत में पेश कर रिमांड मांगेगी। जांच अधिकारियों ने बताया कि मिश्रा अपने आवेदन को लेकर जिन अधिकारियों व कर्मचारियों के संपर्क में थे, उन सभी से पूछताछ की जाएगी। मिश्रा का कहना है कि जंजुआ ने ही नहीं बाकी अधिकारियों, कर्मियों ने भी परेशान किया।
मेरे पति बेकसूर: जंजुआ की पत्नी ने मोहाली स्थित अपने घर पर कहा कि उनके पति बेकसूर हैं। उनको साजिश के तहत फंसाया गया है। आईएएस लॉबी ने साधी चुप्पी : जंजुआ के पकड़े जाने की खबर राज्य के मुख्य सचिवालय में दोपहर बाद आग की तरह फैल गई। आईएएस के रिश्वत लेते गिरफ्तार होने पर सभी हैरान थे, लेकिन इस मुद्दे पर बोलने के लिए कोई भी आईएएस अधिकारी तैयार नहीं था।
पिछली बादल सरकार में चर्चा में आए थे
जंजुआ पिछली बादल सरकार में उस समय काफी चर्चा में आए थे जब उन्हें फतेहगढ़ साहिब के डीसी के पद से हटा दिया गया था। जंजुआ के ससुर ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर विरोध जताया था कि उन्हें एससी होने के कारण हटाया गया है और उन्हें जानबूझकर अच्छी पोस्टिंग नहीं दी जा रही है।
विभागीय जांच की जरूरत नहीं
उद्योग मंत्री मनोरंजन कालिया ने उम्मीद जताई कि यह अभियान अन्य विभागों में सक्रिय रिश्वतखोरों के खिलाफ भी जारी रहेगा। कालिया ने कहा कि फिलहाल जंजुआ के खिलाफ विजिलेंस जांच जारी है, इसलिए विभागीय स्तर पर जांच की कोई जरूरत नहीं है।
दूसरो को नसीहत, खुद..
‘आम जनता के ध्यान में है कि उद्योग विभाग अलग-अलग औद्योगिक पॉलिसियों के तहत सैंक्शन किए गए सब्सिडी केसों का वितरण कर रहा है, यदि किसी उद्योगपति को सब्सिडी पर ऐतराज है या रिश्वत मांगी जा रही है, तो अधोहस्ताक्षरी से संपर्क करें’.
वीके जंजुआ, आईएएस सेकेट्ररी-कम-डायरेक्टर इंडस्ट्री एंड कॉमर्स, पंजाब, चंडीगढ़










