बेटियों से इंसाफ करो, इनाम पाओ
चंडीगढ़. समाज में स्त्री—पुरुष के अनुपात के बीच की अंतर बढ़ता जा रही है। आधुनिक समाज में भी औरतों को जो इज्जत और अधिकार मिलना चाहिए, वह नहीं मिल सका है। पुरुष प्रधान समाज में लोग गर्भ में ही बेटियों की हत्या कर रहे हैं। इससे समाज में अनेक प्रकार की विसंगतियां उत्पन्न हो रही हैं। यह विसंगतियां सबसे ज्यादा पंजाब और हरियाणा में है। कन्या भ्रूण हत्या की वजह से इन राज्यों में लड़कों को शादी के लिए दूसरे राज्यों की ओर देखना पड़ रहा है।
यह बात मंगलवार को प्रेस क्लब में यूएनएफपी- लाडली मीडिया अवॉर्डस फॉर जेंडर सेंसटिविटी, 2009-10 की रीजनल कोऑर्डिनेटर मीनू तलवार ने कही। वह समाज की लाडली (बालिकाओं) के महत्व को उजागर करने वाले, समाज में रूढ़ीवाद को चुनौती देने वाले, सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक विकास को लैंगिक परिप्रेक्ष्य में विश्लेषित करने वाले उत्तर भारत के इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, प्रिंट मीडिया, रेडियो आदि से जुड़े लोगों के लिए यूएनएफपीए लाडली मीडिया अवॉर्डस 2009-10 के लिए आमंत्रित प्रविष्टियों के बारे में बता रही थीं।










