भाखड़ा के पानी पर पंजाब का अड़ंगा
पंचकूला. चंडीगढ़ के कजौली वाटर वर्क्स से पंचकूला को मिलने वाले भाखड़ा के पानी पर पंजाब ने अड़ंगा लगाना शुरू कर दिया है। केंद्र ने तय किया था कि कजौली वाटर वर्क्स से पंचकूला को रोजाना 4 करोड़ 50 लाख लीटर (छह लाइनों में प्रत्येक लाइन से 1.5 एमजीडी) पानी मिलेगा।
अभी पंचकूला में हर रोज प्रत्येक व्यक्ति को औसतन 35 गैलन पानी उपलब्ध कराया जाता है। यानी भाखड़ा नहर पर कजौली वाटर वर्क्स से पंचकूला का शेयर मिल जाए तो हर रोज यहां 2.57 लाख लोगों को पानी दिया जा सकता है। इतना पानी लेने के लिए हरियाणा की ओर से शुरू में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई गई। नतीजा यह रहा कि पंचकूला के साथ सटे मनीमाजरा में मंगलवार भाखड़ा का पानी पहुंच गया और सेना के पश्चिमी कमान मुख्यालय चंडीमंदिर में पहले से ही भाखड़ा का पानी पहुंच रहा है।
गमाडा ने किया इनकार
अब जब हरियाणा ने पानी मांगा तो गमाडा (ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी) ने यह कह दिया है कि यह पानी पंचकूला को नहीं, मोहाली को मिलना चाहिए। गमाडा के चीफ इंजीनियर राजीव मोदगिल कहते हैं, ‘कजौली वाटर वर्क्स के मौजूदा चार फेज चंडीगढ़ के और नए बनने वाले 5वें और छठे फेज ‘हमारे’ हैं।
इसलिए पंचकूला को पानी देने पर एतराज तो कोई मुद्दा ही नहीं है।’ मोदगिल की इस टिप्पणी से साफ हो रहा है कि पंचकूला को भाखड़ा का पानी आसानी से मिलने वाला नहीं है। भले ही हुडा के अधिकारी पंचकूला के लिए नहरी पानी लेने के लिए 10 सितंबर को चंडीगढ़ नगर निगम के चीफ इंजीनियर एसके बंसल के साथ बैठक भी कर चुके हों।
हुडा ने कहा हम तैयार हैं
हुडा के सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर एके अग्रवाल का कहना है कि भाखड़ा का पानी चंडीगढ़ के रास्ते पंचकूला को मिलने के मामले में कोई संशय ही नहीं है। इस पानी को लेने के लिए हुडा तैयार है और इस पर कितना धन खर्च होगा, यह कोई मुद्दा नहीं है। चंडीगढ़ नगर निगम के चीफ इंजीनियर बंसल ने बैठक में कहा था कि कजौली वाटर वर्क्स के पांचवें और छठे फेज से पंचकूला को पानी दे दिया जाएगा।
इसके लिए बिछाई जाने वाली पाइपलाइन की एलाइनमेंट व डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) के एवज में हुडा को करीब 10 लाख रुपये देने होंगे। अभी इस बारे में हुडा के पास चंडीगढ़ नगर निगम से लिखित रूप में मांग नहीं आई है। जब धन मांगा जाएगा हुडा भुगतान कर देगा।
पंचकूला निर्भर है जमीनी पानी पर
पंचकूला करीब 32 साल पहले बसना शुरू हुआ था। तब से शहर जमीनी पानी पर निर्भर है। इन दिनों शहर में पानी की रोजाना मांग करीब 40 क्यूसिक और इसे पूरा करने के लिए हुडा 145 ट्यूबवेल चला रहा है। ट्यूबवेल जलापूर्ति के लिए स्थाई स्रोत नहीं हैं, क्योंकि जमीनी पानी का लेवल हर साल औसतन 1 मीटर गिर रहा है।
आस टिकी है कौशल्या डैम पर
सिंचाई विभाग राज्य सरकार के खाते से पिंजौर में एचएमटी के सामने कौशल्या डैम बना रहा है। इस डैम से पंचकूला को रोजाना 18 क्यूसिक और बारिशों के दिनों में 35 क्यूसिक पानी मिलना तय है। हुडा के अधिकारियों का मानना है कि डैम का पानी मिलने पर पंचकूला को काफी राहत मिल जाएगी।
मनीमाजरा को मिलने लगा 12 घंटे पानी
मेयर कमलेश ने मंगलवार को मनीमाजरा में बिछाई गई भाखड़ा नहर की सप्लाई लाइन का उद्घाटन किया। इसी के साथ मनीमाजरा को रोजाना पांच मिलियन गैलन (225 लाख लीटर ) नहरी पानी की आपूर्ति होने लगी। इसके अलावा 27 ट्यूबवेलों से भी आपूर्ति जारी रहेगी।
अब मनीमाजरा के लोगों को दिन में 12 घंटे प्रेशर के साथ जलापूर्ति हो सकेगी। नगर निगम के पब्लिक हेल्थ विंग ने सेक्टर-26 वाटर वर्क्स से मनीमाजरा वाटर वर्क्स एक और दो तक पानी की लाइन बिछाने पर 5 करोड़ 60 लाख रुपर्य खर्च किए हैं। इसमें माड़ीवाला टाउन के पास रेलवे लाइन के नीचे पाइप बिछाने पर खर्च किए गए 97 लाख रुपये भी शामिल हैं। इसे रेलवे ने खर्च किया है।










