कार्यकाल में आवंटित प्लॉटों की होगी पड़ताल
चंडीगढ़. रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ्तार पंजाब के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी विजय कुमार जंजुआ के कार्यकाल के दौरान पंजाब में आवंटित इंडस्ट्रियल प्लॉट भी जांच के घेरे में आ गए हैं।
सेक्रेटरी-कम-डायरेक्टर इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स विजय कुमार जंजुआ से अभी तक हुई पूछताछ व जांच के आधार पर विजिलेंस ब्यूरो ने उन तमाम प्लाटों के आवंटन प्रक्रिया की जांच कराने का फैसला लिया है जिनमें जंजुआ की भूमिका थी। इसके लिए एक विशेष टीम गठित कर दी गई है।
टीम की कमान एसपी स्तर का अधिकारी को सौंपी जाएगी। जंजुआ जुलाई 2007 में इस पद पर आए थे। विजिलेंस ब्यूरो ने लुधियाना के मिश्रा बॉयलर के मालिक टीआर मिश्रा की शिकायत पर जंजुआ को ट्रैप लगाकर सोमवार रात दो लाख रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था।
अन्य अधिकारियों से होगी पूछताछ
विजिलेंस ब्यूरो ने इंडस्ट्रियल प्लॉट के मामले देखने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों से भी पूछताछ करने का फैसला किया है। हालांकि इनमें प्रमुख रूप से उन्हीं अधिकारियों और कर्मचारियों को शामिल किया जाएगा, जिनके नाम मिश्रा ने बताए हैं। मिश्रा इंडस्ट्रियल प्लॉट के लिए अरसे से उद्योग भवन के चक्कर काट रहे थे। मिश्रा ने बताया कि इस सिलसिले में वह सबसे पहले जनरल मैनेजर से मिले थे। वह जनरल मैनेजर पिछले कई वषरें से इसी पद पर हैं। जनरल मैनेजर उनको काफी समय तक गुमराह करते रहे। इसी दौरान मिश्रा की मुलाकात जंजुआ से हुई।
आईएएस लॉबी चुप
वीके जंजुआ की गिरफ्तारी पर आईएएस ऑफिसर एसोसिएशन के पदाधिकारी मुंह खोलने को तैयार नहीं हैं। एसोसिएशन के महासचिव डीके तिवारी से इस संबंध में संपर्क किया गया तो, उन्होंने कहा कि वह इलेक्शन ड्यूटी पर हैं, इसलिए अभी टिप्पणी नही कर सकते। हालांकि मंगलवार को सचिवालय के गलियारों में जंजुआ को रिश्वतखोरी के आरोप में पकड़े जाने की घटना दिन भर चर्चा में रही।










