देख भाई देख, मेयर की ‘कर्मभूमि’ देख
लुधियाना. शहर के फोकल प्वाइंट, ट्रांसपोर्ट नगर व अन्य इलाकों में सड़कों की हालत तो आपने देख ही ली होगी। चलिए! हम आज आपको उन इलाकों में ले जाते हैं, जो शहर के प्रथम नागरिक यानि मेयर हाकम सिंह ग्यासपुरा की सियासी ‘कर्मभूमि’ है। ग्यासपुरा इसी वार्ड से निगम सदन का सफर तय कर मेयर की कुर्सी पर ‘सुशोभित’ हुए। दैनिक भास्कर की लाइव रिपोर्टिग टीम ने मंगलवार ग्यासपुरा के अपने वार्ड और उनसे सटे इलाकों की ‘खाक’ छानी। यहां भी हमें ऐसी सड़कें मिली जो सिर्फ नाम की ही सड़कें थी, उनसे गुजरना किसी खाला जी के बाड़े से कम नहीं है।
हम तो उन लोगों को ‘धन्य’ ही मानेंगे जो सुबह शाम इन सड़कों से होकर गुजरते हैं, भले ही वह उनकी मजबूरी ही क्यों न हो? ग्यासपुरा चौक से हम मेयर के वार्ड में दाखिल हुए। सबसे पहले हम सुआ रोड पर पहुंचे। यह सड़क कुछ अर्सा पहले ही बनी है, जिससे लोगों को राहत है। हम उसी पर से आगे बढ़ने लगे। आधे रास्ते तक तो सब ठीक था, लेकिन उसके बाद सड़क ‘पटरी’ से उतर गई। अधूरे काम के कारण गड्ढों की भरमार मिली। उसी रास्ते पर चलते हुए ईस्टमैन चौक में पहुंचे।
वहां से हम जैसे ही दाएं तरफ मुड़े, आगे के हालात भी वैसे ही मिले। लोगों ने बताया यह ढंडारी जाती मक्कड़ रोड़ है। यहां भी गड्ढे थे। उस रास्ते से हम ओल्ड कैंपा कोला रोड पर निकल पड़े। यह रोड भी पूरी तरह से उधड़ी मिली। हम लोगों से सड़कों की हालत के बारे में पूछ रहे थे, उनमें से एक ने कहा कि आप साथ लगती सिंगला साइकिल रोड की हालत भी जरा देख आएं। हमारा दुख उन लोगों से कुछ कम है। वहां से हम सीधा सिंगला साइकिल रोड पर पहुंचे। सड़क की हालत देख हमारे आश्चर्य का ठिकाना न रहा।
हम वहां फोटो खींच ही रहे थे कि एक लग्जरी कार हमारे पास आकर रुकी। कार में बैठे शख्स ने चरणजीत सिंह नाम से अपना परिचय दिया। वे ढंडारी इंडस्ट्री एसोसिएशन के सदस्य भी हैं। सड़क की तरफ इशारा कर के कहा, हम इस पर रोज आना जाना पड़ता है। कई महीनों से ऐसी ही स्थिति है। टूटी सड़क और उस पर जाम सीवरेज नारकीय स्थिति बना रहा है। उनका कहना है कि सड़क पर पत्थर डाले भी समय बीत गया है, लेकिन निर्माण नहीं हुआ। उन्हें सड़क ऊंची होने की भी दिक्कत बताई।
उन्होंने कहा कि सड़क का लैवल ऊंचा होने से फैक्ट्रियां नीचे रह गई हैं। यह सभी फैक्ट्रियों के लिए और मुसीबत बढ़ा रहा है। वहां से हम इसी रोड के साथ लगती एकता मार्केट पहुंचे, जहां गलियों में सीवरेज का पानी दौड़ा मिला। पानी भी इतना की खाली प्लाट भी गंदे पानी के तालाब का रूप ले लिया। स्मॉल इंडस्ट्रियल यूनिट एसोसिएशन के प्रधान जतिंदर पाल सिंह ओबराय का कहना है कि सिंगला साइकिल रोड का सीवरेज अर्से से जाम है।
चार माह से बार बार खुलवाया जा रहा उसके बावजूद यह हाल है। खैर, अब तो शायद आप समझ ही गए होंगे कि शहर के मेयर की कर्मभूमि ही ऐसी है तो शहर में सुधार की आस कितनी की जा सकती है।
सड़कों की हालत सुधारी जा रही है। पिछले समय में काफी काम करवाया गया है। इलाके में सीवरेज की काफी समस्या है। टेल एंड होने की वजह से समस्या बढ़ी है। पहले इलाके में सीवरेज व्यवस्था दुरुस्त की जा रही है। सीवरेज के पानी को निकलाने के लिए डाबा श्मशानघाट के पास डिस्पोजल तैयार की जा रही है। सीवरेज का काम पूरा होने पर सड़कों का निर्माण तेज गति से कर दिया जाएगा। शहर की अन्य सड़कों व गलियों की दशा भी सुधारी जाएगी। उसकी प्लानिंग की जा रही है।
हाकम सिंह ग्यासपुरा, मेयर लुधियाना।










