भाजपा-सपा ही नहीं कांग्रेस के उम्मीदवारों की भी जमानत डूबी
लखनऊ. यूपी में राज करने वाली भाजपा और सपा का इस बार प्रदेश में हुए लोकसभा और विधानसभा के उपचुनाव में सूपड़ा साफ हो गया। राज्य की एक लोकसभा और 11 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में भाजपा के उम्मीदवार आठ सीटों पर अपनी जमानत बचाने में भी नाकाम रहे। कांग्रेस भले ही फिरोजाबाद और पश्चिमी लखनऊ से जीतने में कामयाब रही हो, लेकिन छह सीटों पर उसके प्रत्याशी भी जमानत नहीं बचा पाए।
वहीं समाजवादी पार्टी को इटावा जैसे गढ़ में ही बसपा ने चारों खाने चित्त कर दिया। फिरोजाबाद में उनकी बहू डिंपल यादव को भी साइकिल की सवारी रास नहीं आई। उपचुनाव में सभी सीटों पर साइकिल पंक्चर हो गया, जबकि फिरोजाबाद सहित पांच विधानसभा सीटों पर पहले पार्टी का कब्जा था।
इतना ही नहीं पांच सीटों पर पार्टी उम्मीदवार जमानत भी गंवा बैठे। आश्चर्यजनक रूप से पिछले बार कब्जे में रही हैसर बाजार और इसौली की सीट भी इनमें शामिल है। कांग्रेस ने फिरोजाबाद और पश्चिमी लखनऊ से जीत हासिल की, लेकिन हाथ को अन्य जगहों पर मतदाताओं का साथ नहीं मिला।
केंद्रीय मंत्री आरपीएन सिंह और प्रदीप जैन के इस्तीफे के बाद खाली हुई विधानसभा सीटों पर दल के प्रत्याशी जमानत गंवा बैठे। उपचुनाव में सबसे बुरी मात भाजपा को झेलनी पड़ी। गुटबाजी के कारण पार्टी अपने कब्जे वाली लखनऊ पश्चिम विधानसभा सीट भी गंवा बैठी।










