Thursday, November 12, 2009 01:59 [IST]  

danik bhaskarपरीक्षा से वंचित छात्र अनशन पर

bhaskar news

aरायपुर. रविशंकर विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर 11 नवंबर को दोपहर बारह बजे परीक्षा से वंचित किए जाने के विरोध में एक छात्र आमरण अनशन पर बैठ गया है। यह छात्र पं.जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय में बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी पाठ्यक्रम का विद्यार्थी है।



अनशन पर बैठे नवलकिशोर ने महाविद्यालय प्रशासन पर भेदभाव बरतने का आरोप लगाया है। उसने बताया कि वह विगत तीन वर्र्षो से प्रथम वर्ष में ही है तथा परीक्षा देने का मौका नहीं मिल रहा है। फिजियोथेरोपिस्ट एसोशिएसन के अध्यक्ष डॉ. गीतेश अमरोहित ने बताया कि नवलकिशोर वर्ष 06-07 में प्रवेश लेने के बाद पारिवारिक कारणों से परीक्षा में नहीं बैठ पाया था।
उसके बाद वर्ष 07-08 में वह कक्षाओं में उपस्थित रहा, बावजूद इसके उसे परीक्षा में नहीं बैठने दिया गया और वह मान भी गया। इस वर्ष फिर नवल को परीक्षा में बैठने से वंचित कर दिया गया है, जबकि उसकी उपस्थिति लगभग 59 फीसदी है। इसी दौरान नवल अवसाद के कारण बीमार पड़ गया जिसके इलाज के प्रमाण पत्र उसके पास हैं।



डॉ. अमरोहित के अनुसार नवल से कम उपस्थिति वाले छात्रों को परीक्षा में बैठने दिया जा रहा है जो कि प्रशासनिक भेदभाव का प्रमाण है। उन्होंने प्रश्न उठाया है कि यदि नवल की उपस्थिति कम हो रही थी तो अभिभावकों को नोटिस क्यों नहीं भेजा गया। दोपहर बारह बजे से आमरण अनशन पर बैठे नवल से मिलने शाम तक कोई नहीं आया था। रविंशकर विश्वविद्यालय से निकलते समय वहां के अधिष्ठाता छात्र कल्याण ने आंदोलनकारी छात्र से मिलकर उसकी समस्याएं सुनीं और सुलझाने का आश्वासन दिया।

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