Thursday, November 12, 2009 02:15 [IST]  

danik bhaskarअब इमारतों को हेरिटेज दर्जा दिलाने की मुहिम

संजीव रामपाल

buildingचंडीगढ. चंडीगढ़ को यूनेस्को से हेरिटेज सिटी का दर्जा न मिलने के बाद प्रशासन ने अब नई मुहिम छेड़ी है। कोशिश है कि शहर के भवनों को हेरिटेज बिल्डिंग का दर्जा मिल जाए। इसके लिए आर्किटेक्चर विभाग को शहर में ऐसी इमारतों की सूची बनाने का जिम्मा सौंपा गया है, जिन्हें हेरिटेज का दर्जा मिल सकता है। इनमें निजी इमारतें भी शामिल हो सकती हैं।



सिर्फ काबरूजिए नहीं



यूनेस्को से चंडीगढ़ को हेरिटेज सिटी का दर्जा दिलाने के लिए सिर्फ फ्रेंच आर्किटेक्ट ली काबरूजिए द्वारा डिजाइन की गई इमारतों की ही सूची बनाई गई थी। लेकिन, अब नई सूची में पियरे जेनरे, मेक्सवेल फ्रे, एम.एन. शर्मा द्वारा डिजाइन की गईं इमारतों को भी शामिल किया जा सकता है।



आर्किटेक्चर विभाग को सौंपा जिम्मा



एक हफ्ता पहले वित्त सचिव संजय कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में हेरिटेज घोषित होने लायक इमारतों की सूची बनाने का फैसला हुआ था। उस बैठक में इंजीनियरिंग और आर्किटेक्चर विभाग के अफसरों ने भी भाग लिया था।



पहले चरण में फ्रेंच आर्किटेक्ट ली काबरूजिए के डिजाइन किए भवनों को ही हेरिटेज का दर्जा दिलाने का प्रयास होगा। निजी इमारतों को हेरिटेज बिल्डिंग में शामिल किया जाना है। लोगों के आवेदन मिलने के बाद प्रशासन इन इमारातें के हेरिटेज स्टेटस के दावों पर विचार करेगा।



इन इमारतों पर नजर



शहर की पहचान बन चुकी पुरानी इमारतों को हेरिटेज दर्जा दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सचिवालय, विधानसभा, पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट, पीयू का गांधी भवन, सेक्टर-19 में ओल्ड आर्किटेक्ट बिल्डिंग, सेक्टर-17 प्लाजा, ओपन हैंड जैसी इमारतों व स्मारकों को हेरिटेज दर्जे के लिए सूची में शामिल किया जा सकता है। केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय और पुरातत्व विभाग शहर में ऐसे भवनों की पहचान करेगा जिन्हें हेरिटेज का दर्जा दिया जा सकता है। केंद्र सरकार से इन भवनों के संरक्षण के लिए ग्रांट भी मांगी जाएगी।



निजी इमारतों पर हो सकता है विवाद



शहर में निजी इमारतों को भी हेरिटेज घोषित करने से कई विवाद पैदा हो सकते हैं। इससे लोग अपनी प्रॉपर्टी के वास्तविक स्वरूप से छेड़छाड़ नहीं कर सकेंगे। उन्हें इमारत के नक्शे को ज्यों का त्यों बरकरार रखना होगा।



हाल ही में किरण सिनेमा के प्रबंधकों ने इसे मल्टीप्लेक्स बनाने का प्रस्ताव आर्किटेक्चर विभाग को दिया था। लेकिन विभाग ने प्रस्ताव यह कह कर रद्द कर दिया कि यह सिनेमाघर शहर की हेरिटेज बिल्डिंग है। इसके स्वरूप के साथ छेड़छाड़ नहीं हो सकती। किरण सिनेमा के प्रबंधकों को अपना नया बिल्डिंग प्लान पुरानी बिल्डिंग के नक्शे पर ही तैयार करने को कहा गया है। किरण सिनेमा के मैनेजर प्रीतम शर्मा और आर्किटेक्ट विनोद जोशी ने प्रशासन के इस फैसले का विरोध किया था और हेरिटेज बिल्डिंग घोषित करने पर मुआवजा व अन्य स्थान पर जगह देने की मांग की थी।



आर्किटेक्चर विभाग जल्द ही ऐसी इमारतों का चयन करेगा जिन्हें हेरिटेज दर्जा दिया जा सकता है। ली काबरूजिए के अलावा पियरे जेनरे, मेक्सवेल फ्रे, एम.एन. शर्मा आदि आर्किटेक्ट द्वारा डिजाइन की गईं इमारतें भी इस सूची में शामिल की जा सकती हैं।



सुमित कौर, चीफ आर्किटेक्ट, चंडीगढ़ प्रशासन

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