Friday, November 13, 2009 03:20 [IST]  

danik bhaskarस्वस्थ शरीर के लिए खेल जरूरी

भास्कर न्यूज

जयपुर. हैल्दी रहने के लिए खुला वातावरण जरूरी हैं। मेट्रो सिटीज में दिनों दिन एयर के साथ वाटर पॉल्यूशन भी बढ़ा है। रैग्यूलर वाहनों की संख्या भी बढ़ रही है। इस सबसे आम आदमी का सांस लेना तक मुश्किल हो गया है। आमतौर पर देखा गया है बीमार होने के बाद ठीक होने से पहले ही कई अन्य बीमारियां घेर लेती हैं।



इसकी एक वजह लाइफस्टाइल में आया बदलाव भी है। सभी को जल्दी सोने और जल्दी उठने की आदत डालनी चाहिए। यह कहना है, एसएमएस स्टेडियम में पिछले दिनों सम्पन्न हुई राज्यस्तरीय पीका खेलकूद कॉम्पिटीशन में पार्टिसिपेट्स करने आए प्लेयर्स का। वे कहते हैं, हर व्यक्ति की लाइफ में एक खेल होना उतना ही जरूरी है, जितना कि रोज खाना लेना। इस चैम्पियनशिप में राज्यभर के 33 जिलों से करीब एक हजार से अधिक प्लेयर्स पार्टिसिपेंट्स हैं।



बीमारियों का दुश्मन ‘स्पोर्ट्स’



बचपन में नींद आती थी, लेकिन पेरेंट्स की डांट ने जल्दी उठने की आदत डाली। रोज उठने के बाद 3 कि.मी की दौड़, दंड बैठक, पुशअप के बाद नहाना धोना शामिल था। 9:00 बजे खाना खाकर स्कूल जाना। वहां भी गेम में हिस्सा लेना। घर आकर आराम और फिर मैदान की ओर। यह मेरा रुटीन है। यह कहना है उदयपुर से वेटलिफ्टिंग कॉम्पिटीशन में भाग लेने आए अजरुन पालीवाल का। स्पोर्ट्स ही मेरे फिट रहने की चाबी है।



एक स्पोर्ट्स जरूरी, नहीं हुए बीमार



अपनी लाइफ स्टाइल में यदि एक गेम को जोड़ लिया जाएं तो जीने का मजा ही कुछ ओर होगा। यह टीम स्प्रिट के साथ कॉन्फिडेंस को डवलप करने में सहायक होता है। जालौर की प्लेयर साजदा बानो कहती हैं, पिछले एक साल से रोज एक घंटे गेम की प्रैक्टिस ने बीमारियों से दूर रखा। वहीं उदयपुर के नरेन्द्र ढांगी कहते हैं, गेम में रहने से अभी तक एक बार भी बीमार नहीं हुआ। पिछले साल पंजाब कॉम्पिटीशन में सिल्वर मैडल जीता।



घर का खाना, अच्छे स्वास्थ्य का राज



फास्ट फूड से दूर रहकर ही पिछले 4 साल से कुश्ती में जौहर दिखाया हैं। छोटे बच्चों को गाय का दूध पिलाना चाहिए। चितौड़गढ़ की प्लेयर सावित्री छीपा कहती हैं, रोज तीन से चार बादाम खाने में लें। जयपुराइट्स को स्वाइन फ्लू से डरने की जरूरत नहीं है, सिर्फ प्रीकॉशन रखना होगा। रोज एक्सरसाइज करें और फिट रहें। वहीं 16 वर्षीय आंचल नागर ने कहा, मुझे इंटरनेशनल प्लेयर रेखा राठौड़ जैसा बनना है, इसलिए डाइट पर काफी ध्यान देती हूं। स्टेट में सीनियर कैटेगरी में गोल्ड मैडल हासिल किया है।

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