Friday, November 13, 2009 19:07 [IST]  

danik bhaskarदेश के लिए पहली बार खेलना सबसे प्यारा पल : सचिन

एजेंसी

sachinमुंबई. कामयाबी की तमाम बुलंदियां छू चुके मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंडुलकर अपने शानदार कैरियर का सबसे प्यारा पल अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण को मानते हैं। उन्होंने 15 नवंबर 1989 को कराची में पाकिस्तान के खिलाफ पहली बार देश के लिए टेस्ट कैप पहना था।



क्रिकेट जीवन के दो दशक पूरे करने से दो दिन दूर खड़े सचिन ने शुक्रवार को कहा, ‘20 वर्ष लंबा समय है। इस दौरान कई खास पल आए, जिन्हें गिनना भी कठिन होगा। लेकिन पाकिस्तान में अपने पहले मैच (टेस्ट) के पहले दिन टीम इंडिया का हिस्सा बनकर मैदान पर उतरना शायद मेरी जिंदगी का सबसे महान क्षण था।’



36 वर्षीय मास्टर ब्लास्टर कहते हैं, ‘यह लंबी यात्रा थी और मैंने जो भी किया, वह इस खेल के प्रति मेरे योगदान का प्रतिबिंब मात्र है। देश के लिए खेलना मेरा बचपन का सपना था। मैं भाग्यशाली हूं कि इतने वर्र्षो तक देश के लिए खेल सका।’



अब बल्लेबाज ज्यादा जोखिम लेते हैं



पिछले 20 वर्र्षो में क्रिकेट में आए बदलाव के बारे में सचिन कहते हैं, ‘1989 से अब तक क्रिकेट में बहुत बदलाव हुए हैं। तीसरे अंपायर का प्रयोग, हॉट स्पॉट तकनीक और ट्वेंटी 20 क्रिकेट का आगमन इनमें से खास हैं। इसके अलावा, अब जिस तरह के नए-नए शॉट खेले जाते हैं, उसने क्रिकेट को काफी बदला है। अब बल्लेबाज रन बनाने के लिए ज्यादा जोखिम लेता है, जो पहले देखने को नहीं मिलता था। पहले लोगों को उबाऊ टेस्ट मैच देखने को मिलते थे, लेकिन अब ज्यादा परिणाम देखने को मिलता है। यह खेल और दर्शक दोनों के लिहाज से बेहतर है।’



खुद के खेल में बदलाव की बाबत सचिन कहते हैं, ‘मेरे खेल में भी काफी परिवर्तन आया है। मैं हर मैच के साथ अपने खेल में सुधार लाने की कोशिश करता हूं। यह कभी खत्म न होने वाली प्रक्रिया है और हर दिन एक नई चुनौती है।’



देशवासियों का समर्थन महत्वपूर्ण



इतने वर्र्षो तक खेल पर ध्यान केंद्रित रखने के संबंध में सचिन बताते हैं, ‘अपने खेल पर ध्यान केंद्रित रखने में मुझे कई चीजों के समन्वय से मदद मिलती है। मेरी मां, भाई, बहन और पत्नी का समर्थन इसमें अहम है। मेरी मां क्रिकेट नहीं जानती, लेकिन मेरी सफलता और देश के लिए प्रार्थना करती है। बड़े भाई के साथ मैं खेल पर चर्चा करता हूं। पत्नी से भी मैं क्रिकेट की बातें करता हूं और मेरे लंबे कॅरियर का यह मुख्य कारण है। इसके अलावा, देशवासियों का प्यार और समर्थन भी महत्वपूर्ण रहा है। आपको अपनी कामयाबी और खुशियां बांटनी पड़ती है और इसके लिए मेरे पास करोड़ों लोग हैं।’



सचिन अब तक 159 टेस्ट मैचों में 42 शतकों की मदद से 12,773 रन बना चुके हैं। वनडे क्रिकेट में उनके नाम 436 मैचों में 45 शतकों की मदद से 17,178 रन दर्ज हैं।

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विचार:

rana

Friday, 13th Nov 2009, 20:03
very well and nice and wonderfull player in the world

apne vichaar
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