सात पंचायतों के पदाधिकारी घिरे
रतलाम. इनमें पिपलखूंटा, नेगड़दा, सेजावता, बिरमावल, राजपुरा, धमोत्तर, घटला व रामपुरिया के सरपंच व सचिव शामिल है। इन पर करीब 20 लाख रुपए का गबन का आरोप है। विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने सरपंचों व सचिवों के खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए आवेदन दे दिए हैं। पुलिस प्रकरण कायमकर आरोपी संरपचों व सचिवों की शीघ्र गिरफ्तारी कर सकती है।
सर्वशिक्षा अभियान के तहत वर्ष 2007-08 व 2008-09 में रतलाम विकासखंड के माध्यमिक व प्राथमिक विद्यालयों में भवन व अतिरिक्त कक्ष निर्माण के लिए संबंधित सरपंच व सचिव को निर्माण एजेंसी बनाया गया था। उन्हें समयावधि में भवन व अतिरिक्त कक्ष निर्माण पूर्ण करने के आदेश दिए गए थे।
राज्य शिक्षा केंद्र भोपाल द्वारा वर्ष 2007-08 की स्वीकृति की 95 प्रतिशत राशि एवं वर्ष 2008-09 की 70 प्रतिशत राशि संबंधित सरपंचों व सचिवों के खातों में जमा कराई गई थी।
पिपलखूंटा, नेगड़दा, सेजावता, बिरमावल, राजपुरा (सागोद), धमोत्तर, घटना व रामपुरिया के सरपंचों व सचिवों ने जितना निर्माण कार्य किया उसके अनुपात से अधिक राशि का आहरण कर लिया लेकिन निर्माण कार्य पूर्ण नहीं कराया गया। विकासखंड शिक्षाधिकारी कार्यालय बार-बार लिखित में चेतावनी देने के बावजूद निर्माण कार्य पूर्ण नहीं कराया गया। इस पर उन्हें कई नोटिस भी दिए।
निर्माण पूरा नहीं कराने पर कार्यालय ने उनके खिलाफ कलेक्टर से एफआईआर दर्ज कराने की अनुमति मांगी। सूत्रों के अनुसार कलेक्टर ने अनुमति प्रदान कर दी है। शुक्रवार को कार्यालय ने संबंधित सरपंचों व सचिव के खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए लिखित में जानकारी भेजी। इस संबंध में संबंधित अधिकारियों ने शुक्रवार शाम एसपी वेदप्रकाश शर्मा से भी चर्चा की।











