Saturday, November 14, 2009 01:51 [IST]  

danik bhaskarअदालत से भागा कैदी

Bhaskar News

रतलाम. कैदी के हाथों कचौरी खाकर बेहोश हुए दो पुलिसकर्मियों के शिकंजे से एक कैदी फरार हो गया। उसे इंदौर के सेंट्रल जेल से जिला न्यायालय में पेशी के लिए लाया गया था। कैदी का देररात तक पता नहीं चला।



इस घटना से महकमा भी आश्चर्य में है कि पुलिसकर्मियों को कैदी के हाथों नाश्ता करने की जरूरत क्यों महसूस हुई। बहरहाल पुलिस मामले की तफ्तीश में जुटी है। आरक्षक गणपत¨सह चौहान व आरक्षक संजय पांडे अभियुक्त पंकज उर्फ ¨पकी भार्गव को रतलाम के एनडीपीएस एक्ट न्यायालय में पेशी के लिए लाए थे। पंकज की कचौरी खाकर दोनों जवान अचेत हो गए और पंकज हथकड़ी छुड़ाकर भाग निकला।



इंदौर से लाया था कचौरी- बताया जाता है कि पंकज ने इंदौर से ही अपने साथी की मदद से नाश्ता तैयार कराया था। हालांकि जवानों के होश में आने पर ही सच्चई पता चलेगी। स्टेशन रोड टीआई जे.पी. वर्मा ने बताया जवान होश में नहीं हैं। दोनों पुलिसकर्मियों ने केवल इतना बताया कि उन्होंने दो-दो कचौरी खाई थी।



बातें जो असंभव-सी हैं- इस मामले के पेंच कुछ इस तरह हो सकते हैं। मामले में पुलिस जवानों की भूमिका प्रथमदृष्टया संदिग्ध लग रही है। कैदी को भगाने के लिए संभव है जवानों ने बेहोशी का हथकंडा अपनाया हो ताकि उन पर शक नहीं किया जा सके। पुलिस कैदी के हाथों नाश्ता कैसे ले सकती है। इंदौर से निकलने के बाद रतलाम में नाश्ता करने की बात असंभव-सी जान पड़ती है।



दो वर्ष पहले रतलाम से इंदौर जेल गया था- सीएनबी पुलिस ने 23 जून 1998 को महू-नीमच हाईवे से ट्रक क्रमांक डीएल 1 जी/ए 3862 से 15 किलो हेरोइन जब्त की थी। ट्रक में सवार सतविंदरसिंह और पंकज को गिरफ्तार कर लिया गया था। पंकज रतलाम जिला जेल में बंद था। दो वर्ष पहले पंकज ने रतलाम जेल में अपनी जान को खतरा बताकर अन्य जेल में भेजने की मांग की थी इस पर उसे इंदौर की सेंट्रल जेल भेज दिया था।

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