जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष का चुनाव निरस्त
जबलपुर. हाईकोर्ट ने शुक्रवार को जबलपुर जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष पद पर हुए नारायण सिंह के चुनाव को निरस्त कर दिया है। चीफ जस्टिस एके पटनायक और जस्टिस अजीत सिंह की युगलपीठ ने माना है कि जब चुनाव हुए थे, उस दौरान नुनसर वृहताकार सेवा सहकारी समिति मर्यादित डिफाल्टर थी, ऐसे में उसका प्रतिनिधि, बैंक की कमेटी के सदस्य के रूप में चुनाव लड़ने की योग्यता नहीं रखता था।
चेरीताल सहकारी उपभोक्ता भण्डार के सदस्य चंद्रशेखर साहू की ओर से दायर इस याचिका के अनुसार जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड के चुनाव के लिए सदस्यों की सूची 10 सितंबर 2007 को जारी की गई थी। उक्त सूची में नुनसर वृहताकार सेवा सहकारी समिति मर्यादित को सदस्य बताया गया था।
आवेदक का आरोप था कि नुनसर की समिति ने जिला सहकारी बैंक की बकाया रकम 12 महीने से ज्यादा अवधि तक अदा नहीं की थी, ऐसे में डिफाल्टर समिति को यह अधिकार नहीं था कि वह अपने प्रतिनिधि का चुनाव जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के लिए करे। बावजूद इसके, नुनसर की समिति ने नारायण सिंह को अपने प्रतिनिधि के तौर पर जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक में चुना।
आवेदक का यह भी आरोप था कि नारायण सिंह दो बार जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष पद पर चुने गये। मप्र सहकारी बैंक अधिनियम की धारा 48ए की उपधारा 5 का हवाला देते हुए याचिका में कहा गया कि लगातार दो बार चुने गए व्यक्ति को फिर से नहीं चुना जा सकता, फिर भी 30 सितंबर 2006 और 11 अक्टूबर 2006 के आदेश के तहत दो बार चुने गए नारायण सिंह को 9 अक्टूबर 2007 और 7 जनवरी 2008 को फिर से अध्यक्ष चुन लिया गया। इस आधार पर उनकी नियुक्ति को अवैध बताते हुए यह याचिका दायर की गई थी।
मामले पर हुई सुनवाई के दौरान युगलपीठ ने याचिकाकर्ता के अधिवक्ता डीके दीक्षित, राज्य सरकार के महाधिवक्ता आरडी जैन और अनावेदक नारायण सिंह की ओर से दी गईं दलीलों को सुनकर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। मामले पर आज अपना फैसला सुनाते हुए युगलपीठ ने नारायण सिंह के चुनाव को निरस्त कर दिया।










