नर्मदा परिक्रमा से लौटे वेगड़ जी
जबलपुर. विख्यात नर्मदा परिक्रमा वासी, चिन्तक, विचारक अमृत लाल वेगड़ जी के साथ नर्मदा परिक्रमा में इस बार उनके सहयोगियों की भीड़ उमड़ पड़ी। उनकी इस परिक्रमा में इस बार दूर-दूर से उनके सहयोगी सम्मिलित हुए। बारिश के कारण हिरन संगम स्थित सांकलघाट तक की यात्रा इस बार हुई।
श्री वेगड़ के साथ यात्रा में इस बार मुंबई से गार्गी देसाई, शोभा शाह, किरीट शाह, लखनऊ से राजीव मित्तल, इंदौर से मनिल फड़णीस, पंकज श्रीवास्तव, क्रांति चतुर्वेदी, दुर्ग से क्रांति सोलंकी और विद्या गुप्ता आये। स्थानीय लोगों में श्री वेगड़ के पुराने सहयात्री तपन भट्टाचार्य, दीप्ति भट्टाचार्य, शैलेंद्र, शरद चौहान, प्रदीप गुप्ता, विजय परमार, नीरज वेगड़, कामता वेगड़ थे।
नये साथियों में कुमुद सिंह, प्रमोद चौबे, शिशिर नेमा और प्रशांत पवार थे। श्री बेगड़ ने सन् 1977 में मां नर्मदा की प्रथम पदयात्रा की थी और 82 वर्ष की उम्र में यह उनकी आखिरी पदयात्रा थी। 33 वर्षो में श्री वेगड़ चार हजार किमी से अधिक चल चुके हंै। वेगड़ जी की नर्मदा परिक्रमा पर तीसरी पुस्तक यह मेरी गाढ़ी कमाई है, फरवरी 2010 में प्रकाशित होगी।










