शराब वितरण पर रहेगी ‘तीसरी आंख’
पाली. निकाय चुनाव में मतदाताओं को रिझाने के लिए भारी पैमाने पर होने वाली शराब परोसकारी पर पुलिस व आबकारी विभाग की पैनी निगाह रहेगी। इसके लिए दोनों मकहमों ने संयुक्त योजना बनाकर मुखबिरों को भी अलग—अलग स्थानों पर नजर रखने की जिम्मेदारी सौंपी है।
शहर को छह भागों में बांटकर वहां पर अलग-—अलग पिकेट्स भी बनाए जा रहे हैं, ताकि अवांछनीय गतिविधियों की सूचना हाथों—हाथ मिल सके।विधानसभा तथा लोकसभा चुनाव में मुखबिरों के भरोसे जिले भर में तैयार की गई शराब तस्करी को रोकने में कामयाबी मिलने के बाद ये ही पैटर्न निकाय चुनाव में भी लागू किया जा रहा है।
इसके लिए पुलिस एवं आबकारी विभाग के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से रणनीति तैयार कर ली है। हर इलाके में ऐसे लोगों को अपना सोर्स बनाया गया है जो पुलिस एवं आबकारी विभाग के अलावा पुलिस कंट्रोल रूम में तत्काल सूचना दे सके।
प्रमुख केन्द्रों पर रहेगी गश्त
शराब तस्करी के लिए कुख्यात माने जाने वाले इलाकों में नियमित रूप से गश्त करने का निर्णय लिया गया है। शहर में ऐसे एक दर्जन से अधिक इलाके हैं जहां हथकढ़ी शराब के अलावा स्प्रिट से शराब बनाकर सप्लाई की जाती है। तस्करों की गतिविधियां चुनाव मंे बढ़ने की आशंका को देखते हुए वहां पर विशेष निगरानी के इंतजाम भी किए गए हैं।
हर इलाके में होगा ‘भेदिया’
पुलिस व आबकारी विभाग ने शराब तस्करी के मुख्य केन्द्र बिंदु माने जाने वाले इलाकों में चुनाव के दौरान सुरक्षा पिकेट्स बनाए हैं। इसके अलावा ऐसे लोगों को अपने साथ शामिल किया है जो शराब तस्करी करने वाले लोगों तथा उनके ठिकानों के बारे में भली—भांति से परिचित है। पुलिस ने शराब तस्करी के मामलों में लिप्त रहने वाले लोगों को बुलाकर उनको हिदायत भी दी है।










