‘दुर्घटना के लिए मुख्यमंत्री होंगे जिम्मेदार’
चंडीगढ़. चंडीगढ़ के सेक्टर-15 स्थित कांग्रेस भवन की सिक्योरिटी घटा दी गई है। फिलहाल इसके कारणों का पता नहीं चल पाया है, परंतु इस कदम को अप्रत्याशित रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि अक्टूबर माह के दौरान ही पंजाब कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष महिंदर सिंह केपी सहित अनेक पदाधिकारियों को बब्बर खालसा द्वारा धमकी मिलने के बाद ही भवन की सुरक्षा बढ़ाई गई थी।
यह है मामला: याद रहे कि 9 अक्टूबर को पंजाब के कांग्रेस भवन में कार्यकारी अध्यक्ष महिंदर सिंह केपी, महासचिव व मीडिया प्रभारी राजपाल सिंह, महासचिव त्रिलोचन सिंह, पूर्व एमपी महिंदर सिंह कल्याण, प्रीतम सिंह भट्टी, निर्मल रामपाल, पंचायती सेल के महासचिव राजवंत सिंह शेरगिल को बब्बर खालसा के लेटरपेड पर धमकी दी गई थी कि वे सभी दो माह के भीतर कांग्रेस से किनारा कर लें, नहीं तो परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहें।
इसकी शिकायत पंजाब के डीजीपी व चंडीगढ़ के एसएसपी को कर कांग्रेस भवन की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की गई थी। पुलिस के ढुलमुल रवैये से परेशान होकर कांग्रेस ने मामले में केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम को पत्र लिखा था। जिसमें उचित कार्रवाई के लिए कहा गया था।
सुरक्षा में की गई थी वृद्धि: इसके बाद कांग्रेस भवन की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। जिसमें तीन सिपाहियों को अतिरिक्त रूप में तैनात किया गया था परंतु पिछले कुछ दिनों से फिर उन्हें हटा लिया गया है, तथा कांग्रेस भवन की सुरक्षा में अब मात्र एक सिपाही व दो होमगार्ड रह गए हैं। पंजाब कांग्रेस के मीडिया प्रभारी राजपाल सिंह ने कहा कि ऐसा साजिश के तहत किया गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस भवन में कोई हादसा हुआ तो उसके लिए पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल जिम्मेदार होंगे।











