पंजाब की इच्छा, केंद्र लगाए दो थर्मल प्लांट
चंडीगढ़. 15 नवंबर को देश के बिजली मंत्रियों की होने वाली मीटिंग में पंजाब दो केंद्रीय पावर प्लांट मांगने जा रहा है। 1000-1200 मेगावाट की ये दोनों परियोजनाएं केंद्र अपने खर्च पर पंजाब में स्थापित करे। राज्य सरकार का मानना है कि अभी तक एक भी केंद्रीय प्रोजेक्ट केंद्र सरकार ने स्थापित नहीं किया है।
2004 में प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह झारखंड में एनटीपीसी द्वारा बनाए जाने वाले 4000 मेगावाट प्लांट में से पंजाब के लिए 1500 मेगावाट देने की घोषणा करके गए थे लेकिन यह परियोजना अभी तक शुरू ही नहीं हो सकी है। ऐसे में पंजाब सरकार ने राज्य में ही दो परियोजनाएं हजार-हजार मेगावाट की लगाने की मांग करने की योजना तैयार की है।
बिजली मंत्रियों की इस कॉन्फ्रंेस में पंजाब का प्रतिनिधित्व आदेश प्रताप सिंह कैरों करेंगे। वह इससे पहले भी पंजाब का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। चूंकि यह महकमा मुख्यमंत्री के पास है इसलिए मुख्यमंत्री खुद न जाकर अपने किसी मंत्री को ही भेजते हैं। दो बिजली परियोजनाओं के अलावा राज्य सरकार ने अन्य केंद्रीय योजनाओं से भी 1500 मेगावाट बिजली की मांग की है।
राज्य सरकार का कहना है कि 60 फीसदी केंद्रीय पूल में अनाज देने वाले राज्य को अतिरिक्त बिजली की आवश्यकता है जो केंद्र सरकार पूरी करे। यही नहीं अनएलोकेट्ड पूल से भी अधिक बिजली की मांग की गई है।
राज्य सरकार गिदड़बाहा में लगने वाले 2620 मेगावाट बिजली परियोजना को 12वीं पंचवर्षीय योजना में शामिल करके इसका कोल लिंक भी मांगेगी, जबकि शाहपुर कंडी के लिए राज्य सरकार 90 फीसदी राशि केंद्रीय फंड से देने के लिए कहेगी। लुधियाना और मोहाली जैसे शहरों में जहां एटी एंड सी लॉसेज 15 फीसदी से कम हैं, को अतिरिक्त सहयोग देने की मांग की गई है।










