दिन में कोहरा रात में बारिश
सागर. सागर में शुक्रवार को मौसम के कई रंग देखने को मिले। कोई बारिश से बचने का प्रयास करता रहा तो किसी ने कोहरे का लुत्फ उठाया। जहां सुबह करीब एक से डेढ़ घंटे तक घना कोहरा छाया रहा और कुछ देर बौछारें गिरी, वहीं दोपहर से रुक-रुककर तेज बारिश शुरू हो गई। जो देर रात तक चली।
चित्र तीनबत्ती का।
शुक्रवार को इसलिए रहा कोहरा. दो दिन से सागर में हो रही बारिश के कारण जमीन और हवा में काफी नमी थी। इस कारण यहां कोहरा रहा। न्यूनतम तापमान 19.3 डिग्री रहा जिससे बुधवार और गुरुवार की अपेक्षा ज्यादा ठंडक रही। शुक्रवार को जहां दिन में कोहरा छाया रहा वहीं रात को भी शहर ने कोहरे की चादर ओढ़ ली। सड़कों पर कोहरे का नजारा साफ था।
क्यों होता है कोहरा..धुएं की तरह दिखने वाला कोहरा असल में हवा में तैरती हुई पानी की छोटी-छोटी बूंदें हैं। जिस तरह आसमान में पानी के संघनित (इकट्ठा) होने से बादल बनते हैं, उसी तरह जमीन के पास नमी से कोहरा बनता है। जब हवा का तापमान इतना गिर जाता है कि वह और अधिक नमी सोख नहीं पाती तो अतिरिक्तनमीं बूंदों के रूप में संघनित होकर कोहरा बनाती हैं।
कोहरा और धुंध में अंतर.. कोहरा धुंध से ज्यादा घना होता है। कोहरे में दृश्यता एक किमी से कम रहती है जबकि उससे अधिक दृश्यता की स्थिति को धुंध कहते हैं।
रोकी रफ्तार.. सागर में ट्रेनें अपने निर्धारित समय से आधे से एक घंटे की देरी से आईं। कोहरे के कारण करीब 10 से 15 मीटर की दूरी से ट्रेनें दिखाई नहीं दे रही थीं।










