सरकार तय करेगी गन्ने का भाव
चंडीगढ़. हरियाणा कैबिनेट की पहली बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मोहर लगाई गई। मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने बताया कि कैबिनेट की पहली बैठक में फैसलों के अलावा मुख्य रूप से मंत्रियों से कहा गया है कि वे टीम भावना से काम करें। उन्होंने कहा कि कामयाबी का श्रेय किसी एक व्यक्ति को नहीं बल्कि टीम को जाता है।
वर्ष 1972 के बाद किसी पार्टी ने दोबारा सरकार बना कर इतिहास रचा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जितनी सीटें हैं, उनके पार्टी ने मंत्री पद दे दिए, बचे पदों पर भी समय आने पर मंत्री बना दिए जाएंगे। इसमें किसी प्रकार को कोई विरोधाभाष नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्य संसदीय सचिवों की नियुक्ति के खिलाफ दायर याचिका का उन्हें पता नहीं है, हाईकोर्ट में इसका जवाब दे देंगे।
हरियाणा मंत्रिमंडल के अहम फैसले
गन्ने पर 25 रुपए बोनस व आगे के लिए पैमाना: इस बार गन्ने की कीमत पर 25 रुपए बोनस भी दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब सरकारी स्तर से बोनस मिलेगा तो प्राइवेट वाले भी देंगे। इस फैसले में आने वाले समय के लिए गन्ने की कीमत तय करने का पैमाना भी तैयार किया गया है।
इसमें उत्पादन लागत, चीनी के भाव,अन्य फसलों के भाव, वैकल्पिक फसलों से किसान को आय, बिक्री की कीमत को ध्यान में रख कर कीमत तय की जाएंगी। इसके अलावा हरियाणा में गन्ने की एक समान कीमत तय करने के लिए नियम में संशोधन किया है। अब सरकार गन्ने की एक समान कीमतें नियत कर सकती है।
क्यों किया नियम में संशोधन: प्राइवेट चीनी मिलों ने उच्च न्यायालय में इन नियमों को चुनौती दी थी कि राज्य सरकार को गन्ने का मूल्य निर्धारित करने का अधिकारी नहीं है, नए नियम बनने से मुकदमेबाजी से बचा जा सकेगा। इससे सरकार का किसान से सीधा जुड़ाव होगा। बोनस देने से किसान की नजर में छवि उभरेगी।
किसान आयोग का गठन : मुख्यमंत्री ने बताया कि अगले तीन माह में किसान आयोग का गठन कर दिया जाएगा। चेयरमैन की नियुक्ति कर दी जाएगी। कितनी सदस्य होंगे इस पर चर्चा होनी है।
क्यों लिया फैसला: कांग्रेस ने घोषणा पत्र में वादा किया था। इसे पूरा किया गया है।
क्यों पड़ी जरूरत: हरियाणा की 70 फीसदी आबादी कृषि पर आधारित है। ऐसे में सरकार का ध्यान कई बार पूरी तरह किसानों की तरफ नहीं जा पाता। अब किसान आयोग किसानों की समस्याओं व उनको सुविधाओं, मांगों पर ही काम करेगा।
कन्यादान: इन्दिर गांधी प्रियदशर्नी योजना के तहत पूर्व में 15 हजार रुपए कन्यादान दिया जाता था, अब उसे बढ़ा कर 31 हजार रु पए कर दिया है। ये आदेश इंदिरा गांधी के जन्म दिवस 19 नवंबर से प्रभावी हो जाएंगे। मुख्यमंत्री पूर्व में इस राशि को बढ़ाने का वादा कर चुके थे। इससे एक विशेष वर्ग का ध्यान आकर्षित होगा।
युद्ध जागीर: युद्ध जागीर राशि को 5000 रुपए से बढ़ा कर 10 हजार रुपए वार्षिक किया गया है। पुरानी दर वर्ष 2002 से लागू थी। इस निर्णय से युद्ध जागीर प्राप्त कर रहे 818 लोगों को 81.80 लाख रुपए का वार्षिक लाभ होगा। युद्ध जागीर पूर्वी पंजाब युद्ध पुरस्कार अधिनियम 1948 के तहत दी जाती है।
भूमि दी: प्रजापति ब्रrाकुमारी इर्ंश्वरीय विश्वविद्यालय रानियां को संग्रहालय एवं सेवा केन्द्र के निर्माण के लिए नगर पालिका की 1210 वर्गगज भूमि 99 वर्ष के पट्टे पर देने की स्वीकृति दी गई है।



