Saturday, November 14, 2009 07:27 [IST]  

danik bhaskarसंपत्ति का ब्यौरा देने में आनाकानी

ललित कुमार

चंडीगढ़. चंडीगढ़ और इसके आसपास संपत्ति रखने की जानकारी देने में पंजाब के जनप्रतिनिधि ही नहीं, बल्कि आईएएस अधिकारी भी आनाकानी कर रहे हैं। पंजाब पुलिस में रेलवे के एडीजीपी चंद्रशेखर ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट को दी रिपोर्ट में कहा कि 32 जनप्रतिनिधि जिनमें कई मंत्री भी हैं व 34 आईएएस अधिकारियों ने उन्हें अभी तक अपनी संपत्ति का ब्यौरा नहीं दिया है।



जनप्रतिनिधियों में उद्योग एवं स्थानीय निकाय मंत्री मनोरंजन कालिया, सिंचाई मंत्री जनमेजा सिंह सेखों, लोक निर्माण मंत्री परमिंदर सिंह ढींडसा और ग्रामीण विकास मंत्री रणजीत सिंह ब्रrापुरा शामिल हैं। एडीजीपी ने जांच के लिए और समय देने की मांग की जिससे कोर्ट ने मंजूर कर लिया। अगली सुनवाई 5 मार्च को होगी।



अवैध ढंग से संपत्ति खरीद-बिक्री की जांच



जांच अधिकारी एडीजीपी ने रिपोर्ट में कहा है कि नया गांव व करोरां में जमीन की अवैध ढंग से खरीद व बिक्री की जांच की जा रही है। मोहाली के डीसी व स्थानीय निकाय विभाग के समक्ष मामला विचाराधीन है। रिपोर्ट में उन हिस्सेदारों की जानकारी भी दी गई है जिन्होंने अपने हिस्से की संपत्ति बेच दी है।



जिन्होंने नहीं दी है संपत्ति का ब्योरा



32 जनप्रतिनिधियों में शिरोमणि अकाली दल के महासचिव सुखदेव सिंह ढींढसा, सांसद रत्न सिंह अजनाला, सांसद संतोष चौधरी, सांसद शेर सिंह, उद्योग एवं स्थानीय निकाय मंत्री मनोरंजन कालिया, सिंचाई मंत्री जनमेजा सिंह सेखों, लोक निर्माण मंत्री परमिंदर सिंह ढींढसा, ग्रामीण विकास मंत्री रणजीत सिंह ब्रrापुरा, अजायब सिंह मुखमैलपुरा, अजायब सिंह रूंटा, अजयपाल सिंह मीरांकोट, अमरीक सिंह ढिल्लों, प्रमुख संसदीय सचिव अरुणोश शाकर, अवतार हेनरी, विधायक बलबीर सिंह घुन्नस, चरणजीत सिंह अटवाल विधायक चुन्नी लाल भगत, दयाल सिंह सोढ़ी, प्रमुख संसदीय सचिव जगदीश राज साहनी, विधायक हरमोहिंदर सिंह, जगदीश कौर ढिल्लों, जगदीश सिंह गरचा, प्रेम सिंह लालपूरा, मुख्तयार कौर, रघबीर सिंह, राज्य सभा सांसद राज मोहिंदर सिद्धू, राजा नरेंद्र सिंह, राम लुभाया, रमेश चंद्र डोगरा, सतविंदर कौर धालीवाल, शिंगारा राम व जोरा सिंह मान का नाम शामिल है।



34 आईएएस अधिकारियों में अजीत शरन, अबरीश कुमार, अमरदीप भाटिया, बी सिंह लाली, दविंदर सिंह, डीएस धेसी, गगनदीप सिंह बेदी, गुरदयाल सिंह संधू, जेएस अहलावत, केएस प्रसाद, सतिंदर सिंह साहनी, जतिंदर सिंह साहनी, एमएल तायल, एमएस संधू, मनोहर कांत, मोहम्मद शाहीन, मोहिंदर सिंह, नरेंद्र भूषण, पीके मोंगा, आरके राव, आरपीएस पवार, राजीव अरोड़ा, राजेश खुल्लर, राकेश गुप्ता, संजय सेठी, शाम लाल गोयल, सुधीर गर्ग, सुमिता मिश्रा सिंह, सुनील कुमार गुलाटी, यूएस भाटिया, सुकृति लिखी, विजय सिंह, विकास गुप्ता व विवेक अग्रवाल का नाम शामिल है। पांच पीसीएस अधिकरियों में भूपिंदर सिंह संधू, डीएस संधावाला, एचएस बेदी, विजय कुमार स्याल व विमी सोहल का नाम शामिल है।



क्या है मामला



चंडीगढ़ और इसके आसपास के इलाके में पुलिस और कई उच्च अधिकारियों की कथित रूप से अवैध संपत्ति है। इस संबंध में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई थी। इस पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ और इसके आसपास नया गांव, करोरां, कांसल, परच व जीरकुपर में अधिकारियों और नेताओं को अपनी संपत्ति का ब्यौरा देने के निर्देश दिए थे। हाईकोर्ट ने दो टास्क फोर्स गठित कर जांच सौंपी थी।

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