इग्नू के 7 कोर्स बिना मान्यता के
चंडीगढ़. इंदिरा गांधी नैशनल ओपन यूनिवर्सिटी (इग्नू) पर आरोप लगा है कि उसके एमबीए सहित सात कोर्स बिना मान्यता प्राप्त हैं। इग्नू ने ये कोर्स दो साल पहले निजी इकाइयों के साथ मिलकर शुरू किए थे। आरोप है कि इसके लिए न तो इग्नू ने अपनी आंतरिक वैधानिक इकाइयों से और न ही आरॅल इंडिया काउंसिल फॉर टैक्नीकल एजुकेशन (एआईसीटीई) से एप्रूवल ली।
अब इन कोर्सेस में दाखिला लेने वाले छात्रों के भविष्य पर सवाल खड़ा हो गया है। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने इस संबंध में इग्नू को पत्र लिखा है। सूत्रों के अनुसार मंत्रालय ने भेजे पत्र में इग्नू से एमबीए के टैलीकॉम मैनेजमैंट और एयरपोर्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर मैनेजमैंट, बीए के तीन कोर्सेस थ्रीडी एनिमेशन, कलनरी आर्ट्स और इंटरनैशनल हॉस्पिटेलिटी पर एप्रूवल न लिए जाने संबंधी पूछा है।
इसके लिए सबसे पहले इग्नू की आंतरिक वैधानिक संस्थाओं से एप्रूवल लेना जरूरी था। इग्नू की छह आंतरिक वैधानिक संस्थाएं हैं जिनमें से कम से कम चार की एप्रूवल जरूरी थी। इनमें बोर्ड ऑफ मैनेजमैंट, अकैडमकि काउंसिल, डिस्टांस एजुकेशन कांउसिल और स्कूल ऑफ स्ट्डीज से एप्रूवल जरूरी थी। इग्नू के वाइस चांसलर डॉ. वीएन राजसेकरन ने कहा कि मंत्रालय की ओर से इस संबंध में कोई पत्र नहीं मिला है। इग्नू द्वारा शुरू हर कोर्स को आंतरिक वैधानिक संस्थाओं की मंजूरी मिली हुई है।










