Saturday, November 14, 2009 08:24 [IST]  

danik bhaskarईजीएस के कामों का बहिष्कार 16 से

भास्कर न्यूज

धरियावद. सरपंच संघर्ष समिति 16 नवंबर से ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के कामों का बहिष्कार करेगी। समिति योजना के कामों का सामाजिक अंकेक्षण (सोश्यल ऑडिट) स्वयंसेवी संगठनों (एनजीओ) से करवाने का विरोध कर रही है।



धरियावद व लसाड़िया पंचायत समिति क्षेत्र की शुक्रवार को संयुक्त बैठक में इसी मुद्दे पर चर्चा हुई। संभागियों ने इस प्रक्रिया को एनआरईजीए के प्रावधानों के विपरीत करार दिया। उनका कहना था कि पंचायतराज के विकेन्द्रीकरण के लिए 73वें संविधान संशोधन में ग्रामसभा को संवैधानिक दर्जा दिया गया है, लेकिन इसकी अवहेलना करते हुए गैर सरकारी संगठन के जरिये ऑडिट करवाई जा रही है।



जबकि एनआरईजीए एक्ट में पंचायत स्तर पर सोश्यल फोरम गठित है, जो ग्रामसभा के जरिये सालभर में हुए कामों का दो बार अंकेक्षण करती है। इसे लेकर समिति ने ईजीएस के कामों के बहिष्कार का निर्णय किया है। समिति के उपाध्यक्ष के.बी. मीणा ने बताया कि बैठक में अध्यक्ष कुलदीप मीणा सहित अन्य पदाधिकारी व कार्यकारिणी सदस्य मौजूद थे। निर्णय की कॉपी केन्द्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायतराज मंत्री, मुख्यमंत्री, धरियावद विधायक, सलूंबर व धरियावद उपखंड अधिकारी, कार्यक्रम अधिकारी तथा विकास अधिकारी को भी भेजी है।



धरियावद में सरपंच, सचिवों ने की बैठक
धरियावद पंचायत समिति क्षेत्र के सरपंचों, पदेन सचिवों ने अलग बैठक कर इस मुद्दे पर रोष जताया। यहां पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में बैठक को जिलाध्यक्ष राधेश्याम शर्मा ने ईजीएस के कामों की ऑडिट स्वयंसेवी संगठनों से करवाने की मुखाफलत की।



इस दौरान प्रधान रामलाल मीणा, सरपंचों के संगठन के तहसील अध्यक्ष कुलदीप मीणा, उपाध्यक्ष के.बी. मीणा, सचिव संघ के अध्यक्ष सुदर्शन जैन, बाबूलाल रमावत, लक्ष्मीलाल गमेती, वालचंद खटीक, नरेश शर्मा, रमेश दास, राजेन्द्र वर्मा, बाबूलाल जैन सहित कई सरपंच व सचिव मौजूद थे।



बैठक के बाद रैली के रूप में यह समूह एसडीओ ऑफिस पहुंचा, जहां उपखंड अधिकारी धीरजमल डिंडोर को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया।

  share
apne vichaar
post a comment
name:
email:
select your language:     Hindi Roman     Hindi Phonetic     English
comment:
code: